Gujarat Exclusive > गुजरात > गुजरात में स्कूल फीस की लटकती तलवार, संचालकों ने जारी किया तुगलकी फरमान

गुजरात में स्कूल फीस की लटकती तलवार, संचालकों ने जारी किया तुगलकी फरमान

0
482
  • रुपाणी सरकार के 25 प्रतिशत फीस माफी के लॉलीपॉप के बाद अभिभावकों को एक और झटका
  • निजी स्कूल संचालकों ने लाभ लेने वाले अभिभावकों के लिए जारी किया फरामान
  • स्कूल संचालकों की मनमानी से अभिभावक नाराज

अहमदाबाद: पिछले कुछ समय से स्कूल फीस को लेकर गुजरात में विवाद चल रहा है. अभिभावकों द्वारा निरंतर मांग की जा रही है कि कोरोना महामारी की वजह से 50 प्रतिशत स्कूलों की फीस में कटौती की जाए.

कोरोना की वजह से स्कूल बंद हैं बावजूद इसके रूपानी सरकार स्कूल संचालकों का साथ देते हुए अभिभावकों को 25 फीसद फीस में राहत का लॉलीपॉप दे दिया.

स्कूल बंद होने के बावजूद अभिभावक 50 प्रतिशत फीस देने को तैयार थे. लेकिन सरकार छह महीने के बाद केवल 25 प्रतिशत फीस माफ करने का फैसला करने के के बाद अभिभावकों में नाराजगी का माहौल देखने को मिल रहा था.

स्कूल संचालकों ने राज्य सरकार के ऐलान के बावजूद एक फैसला किया जिससे अभिभावकों की परेशानी दोगुनी हो गई है.

इस फैसले के तहत 31 अक्टूबर तक स्कूल की फीस नहीं भरने अथवा पिछले साल की फीस नहीं भरने वाले अभिभावकों को 25 फीसदी राहत देने से इनकार कर दिया है.

स्कूल संचालकों की मनमानी से अभिभावक परेशान

स्कूल संचालकों के इस मनमाने रवैये से अखिल गुजरात अभिभावक मंडल और उससे जुड़े अभिभावकों में नाराजगी का माहौल दिखाई दे रहा है.

ऑल गुजरात अभिभावक मंडल स्कूल संचालकों के इस फैसले का विरोध किया है. बुधवार को गुजरात सरकार ने स्कूल की फीस में 25 प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया था.

लेकिन आज स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन बैठक कर यह विवादास्पद प्रस्ताव पारित किया है.

एक बार फिर आंदोलन करने की तैयारी

एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष, मनन चोकसी के अनुसार, “सरकार शुल्क माफी को लेकर जीआर जारी करने के बाद इसे लागू करेगी.

दूसरी ओर ऑल गुजरात अभिभावक मंडल के अध्यक्ष नरेश शाह कहते हैं. स्कूल संचालकों के इस तुगलकी फरमान के खिलाफ एक बार फिर से हम सरकार से शिकायत करेंगे.’

यह भी पढ़ें: सूरत पुलिस कमिश्नर अजय तोमर सहित 36 पुलिस अधिकारियों ने किया रक्तदान

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 25 प्रतिशत फीस में कटौती करने का पिछले दिनों फैसला किया था. राज्य सरकार के इस निर्णय से अभिभावक नाराज हैं.

वह कहते हैं कि निर्णय माता-पिता के हित में नहीं बल्कि स्कूल संचालकों के हित में लिया गया है. ऑल गुजरात अभिभावक मंडल के अध्यक्ष नरेश शाह ने कहा हम जल्द ही इस मामले को लेकर एक बैठक आयोजित आगे की रणनीति बनाएंगे.

गुजरात प्राइवेट स्कूल संचालक महामंडल के अध्यक्ष भरत गांजीपरा ने कहा, “गुरुवार को राज्य के 32 जिलों के 7500 स्कूल संचालकों की ऑनलाइन बैठक हुई.

जिसमें यह तय किया गया है कि अगर अभिभावक फीस का भुगतान 31 अक्टूबर तक नहीं करते अथवा पिछले वर्ष की फीस बाकी है तो उन्हें 25 प्रतिशत राहत नहीं दी जाएगी.

शिक्षकों की तनख्वाह सहित लागत को पूरा करने के लिए इस निर्णय के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं था. ”

गुजराती में ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अहमदाबाद: कोरोना मरीज को 2.5 KM ले जाने के लिए एंबुलेंस का चार्ज 11,000 रुपये