Gujarat Exclusive > गुजरात > 2002 गोधरा कांड: हाईकोर्ट ने आरोपी फारूक भाणा को दी अंतरिम जमानत

2002 गोधरा कांड: हाईकोर्ट ने आरोपी फारूक भाणा को दी अंतरिम जमानत

0
268

अहमदाबाद: गुजरात हाईकोर्ट ने 2002 में गोधरा में साबरमती ट्रेन नरसंहार मामले में आरोपी फारूक भाणा को 25 दिसंबर से तीन सप्ताह तक की अंतरिम जमानत दी है.

भाणा ने पुत्र की शादी में हिस्सा लेने के लिए हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका लगाई थी. Gujrat high court

शादी में शामिल होने के लिए मिली जमानत

साबरमती ट्रेन नरसंहार के आरोपी फारुख भाणा द्वारा गुजरात उच्च न्यायालय में दायर अंतरिम जमानत याचिका में दलील दिया कि उसके बेटे की शादी 1 जनवरी, 2021 से 5 जनवरी, 2021 के बीच होने वाली है इसलिए उसे अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए.

कोर्ट ने आरोपी की अंतरिम जमानत देते हुए कहा कि आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और वह 4 साल और 4 महीने की जेल की सजा काट रहा है.

जब भी अंतरिम जमानत दी गई है आरोपी ने समय पर आत्मसमर्पण कर दिया है. इन सभी पहलुओं को देखते हुए अदालत ने फारूक भाणा को 3 सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है.

10 हजार के निजी मुचलका पर मिली जमानत Gujrat high court

हाईकोर्ट ने आरोपी को 10 हजार रुपये का निजी मुचलका जेल अधिकारियों को देने का निर्देश दिया है. अहमदाबाद जेल प्रशासन ने आरोपी को निर्देश दिया है कि कोरोना गाइड लाइन का पालन करना होगा. Gujrat high court

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में न्यायमूर्ति एच.सी. वोरा ने 2002 के गोधरा साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन नरसंहार मामले में आरोपी फारुख भाणा और इमरान शेरू को बोगी नंबर एस 6 में आग लगाने की साजिश के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी. Gujrat high court

27 फरवरी, 2002 को गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस में अचानक आग लगने से 59 कार श्रमिकों की मौत हो गई थी. उसके बाद पूरा गुजरात सांप्रदायिक आग में झुलसने लगा था.

गुजराती में ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अहमदाबाद मेयर की अनदेखी, बिजल पटेल से पहले MLA ने सामुदायिक हॉल का किया उद्घाटन