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गुजरात हाईकोर्ट में हार्दिक पटेल की याचिका, 2017 में दर्ज FIR की जाए रद्द

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अहमदाबाद: गुजरात उच्च न्यायालय में गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल की ओर से एक याचिका दाखिल की गई है. Hardik Patel Gujarat High Court

याचिका में 2017 में अहमदाबाद के बोपल-घुमा में बिना अनुमति रैली आयोजित करने के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है.

गुजरात हाईकोर्ट में हार्दिक पटेल की याचिका Hardik Patel Gujarat High Court

गुजरात हाईकोर्ट इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस भेजकर 12 जनवरी, 2021 तक स्पष्टीकरण मांग किया है.

हार्दिक पटेल के अधिवक्ता आनंद याग्निक ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि हार्दिक पटेल के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत दायर एफआईआर टिकाऊ नहीं है.

इस मामले में दर्ज एफआईआर इसलिए टिकाऊ नहीं क्योंकि आईपीसी की धारा 188 की शिकायत मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष वही लोक सेवक कर सकता है, उस आदेश का उल्लंघन किया गया है.

अदालत के आदेश के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है. इस मामले में सीधे एफआईआर की गई है, इसलिए टिकाऊ नहीं. Hardik Patel Gujarat High Court

188 के तहत दर्ज एफआईआर टिकाऊ नहीं

गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए, हार्दिक पटेल के वकील ने कहा कि किसी व्यक्ति के लिए आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई करने के लिए, सीआरपीसी की धारा 195 का पालन करना आवश्यक है.

11 दिसंबर, 2017 को हार्दिक पटेल और उनके समर्थकों के खिलाफ बिना अनुमति के बोपल से निकोल इलाके बीच 15 किलोमीटर की रैली आयोजित करने के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

हार्दिक पटेल और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. Hardik Patel Gujarat High Court

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