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हाथरस मामले में योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, एसपी विक्रांत और डीएसपी निलंबित

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हाथरस गैंगरेप (Hathras Gangrape) मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पुलिस महकमे पर बड़ी कार्रवाई की है. हाथरस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) द्वारा पहली रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी. इस रिपोर्ट के बाद यूपी सरकार ने हाथरस के एसपी (Hathras SP) विक्रांत वीर सिंह और डीएसपी सहित तीन अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. गुजरात एक्सक्यूसिव ने इससे पहले एसपी विक्रांत वीर (Hathras SP) के कार्यकाल में शर्मसार कर देने वाली तीन अलग-अलग खबरों की जानकारी दी थी.

एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौजूदा एसपी (Hathras SP), डीएसपी, इंस्पेक्टर और कुछ अन्य के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. यूपी सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, हाथरस के एसपी (Hathras SP) विक्रांत वीर  को लापरवाही व शिथिल पर्यवेक्षण पर सस्पेंड कर दिया गया.

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खबरों के मुताबिक सभी का नारको पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया जाएगा. इसमें पीड़िता का परिवार भी शामिल है. चंदपा थाने के पुलिसकर्मियों, वादी, प्रतिवादी सभी का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जाएगा.

निलंबित अधिकारियों में किसका नाम

निलंबित होने वालों में एसपी विक्रांत वीर (Hathras SP) के अलावा सीओ राम शब्द, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा, एसआई जगवीर सिंह शामिल हैं. इससे पहले खबर आई थी कि हाथरस के जिलाधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है. लेकिन फिलहाल उनका नाम लिस्ट में नहीं है. जिस तरीके से हाथरस प्रशासन ने इस पूरे मामले को हैंडल किया है उससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद नाराज हैं.

सवालों के घेरे में थे एसपी विक्रांत

गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात एक्सक्यूसिव ने 2014 बैच के हाथरस के एसपी (Hathras SP) विक्रांत वीर सिंह के कुछ दिनों के कार्यकाल में राज्य में तीन रेप की घटनाएं को लेकर खबर चलाई थी. 16 दिसंबर 2019 को एक बलात्कार की पीड़िता ने एसपी ऑफिस पहुंचकर खुद को आग के हवाले कर दिया था. तब एपसी वीर सिंह ही थे. पीड़िता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि बलात्कार का आरोपी अवधेश सिंह के खिलाफ पुलिस शिकायत तो दर्ज कर ली है लेकिन कार्रवाई नहीं कर रही.

इसके बाद उन्नाव के एसपी (Hathras SP) रहे विक्रांत वीर सिंह के कार्यकाल में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया था. 6 दिसंबर 2019 को उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में मौजूद सिंदुपुर गांव में रहने वाली दुष्कर्म पीड़िता को सुबह 4 बजे कुछ लोगों ने पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की. इस हादसे में पीड़िता 90 फीसदी जल गई. उस हादसे के बाद युवती इंसाफ की राह देखते हुए इस दुनिया को अलविदा कह चुकी है.

अब ताजा मामला 14 सितंबर 2020 को सामने आया है और एकबार फिर जिले के एसपी वीर सिंह ही थे. उक्त दिन 19 वर्षीय एक दलित युवती को उसके गांव में ही रहने वाले लोगों ने अपनी हवस का शिकार बनाया और उसको बुरी तरह जख्मी किया. इसके बाद इलाज के दौरान उस लड़की की मौत हो गई.

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