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गुजरात में ग्रेड पे आंदोलन का प्रभाव, पुलिस पर भी सोशल मीडिया पाबंदी

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गांधीनगर: गुजरात में पुलिस फोर्स के जवानों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग के संदर्भ में एक दिशानिर्देश जारी किया गया है. राज्य पुलिस कर्मियों ने हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रेड पे वृद्धि की मांग उठाई थी. जिसकी वजह से गुजरात के डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने को लेकर एकपरिपत्र जारी किया है.

पुलिस विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देश में पुलिस कर्मियों से धर्मनिरपेक्ष और गैर-राजनीतिक बने रहने की अपील की गई है. जारी किए गए परिपत्र में पुलिसकर्मियों को इन नियमों का पालन करना होगा.

कोई भी कर्माचारी सेवा से संबंधित शिकायत या फिर टिप्पणी सोशल मीडिया पर नहीं कर सकता है
पुलिस कर्मी केवल सोशल मीडिया पर अपनी निजी राय व्यक्त कर सकते हैं.
पुलिस या सरकार की आलोचना करने वाला कोई भी पोस्ट नहीं कर सकते
सोशल मीडिया पर ऐसा कोई भी पोस्ट न करें जिससे सार्वजनिक अधिकारी के रूप में उनकी छवि धूमिल हो और पुलिस विभाग की बदनामी हो.
राजनीति से प्रेरित कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर नहीं किया जाएगा.

इस परिपत्र के आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में सूरत में स्वास्थ्य मंत्री कुमार कनानी के बेटे को कानून का सबक सिखाने वाली कांस्टेबल सुनीता यादव का मुद्दा सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा चर्चा में आया था. इसके अलावा कुछ दिनों पहले हैशटैग के माध्यम से ग्रेड पे की मांग को लेकर पुलिस कर्मियों ने सोशल मीडिया पर आंदोलन शुरू किया गया था. जिसके बाद गुजरात DGP शिवानंद झा ने परिपत्र जारी कर पुलिस अधिकारियों सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट करना है और क्या नहीं इसे लेकर निर्देश जारी किया गया है.

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