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भारत दोस्ती निभाना भी जानता है और आंख में आंख डालकर जवाब देना भी: PM मोदी

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कोरोना संकटकाल और चीन से जारी गतिरोध के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कोरोना महामारी पर बातचीत करते हुए कहा देश के पूर्वी छोर पर तूफान, देश के किसान भाई टिड्डी दल के आतंक से परेशान हैं. इतना ही नहीं देश के कई हिस्सों में लगातार छोटे-छोटे भूकंप आ रहे हैं. इतना नहीं पड़ोसी देश के साथ सीमा पर जारी गतिरोध से भी देश निपट रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के जरिये लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तालाबंदी के बाद अब हम अनलॉक की तरफ बढ़ रहे हैं. इस दौराना लोगों को तालाबंदी के मुकाबले ज्यादा जागरुक रहना है. क्योंकि सतर्कता से ही कोरोना को हराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि “मेरे प्यारे देशवासियों, कोरोना के संकट काल में देश लॉकडाउन से बाहर निकल आया है. अब हम अनलॉक के दौर में हैं. Unlock के इस समय में, दो बातों पर बहुत focus करना है – कोरोना को हराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, उसे ताकत देना. इतना ही नहीं उन्होंने लोगों से अपील किया कि लोग मास्क पहने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. ऐसा नहीं करने वाले लोग खुज के साथ ही साथ दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं.

इस मौके पर उन्होंने गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके शौर्य और आज पूरा देश नमन कर रहा है. पीएम मोदी ने चीन को जवाब देते हुए कहा कि लद्दाख में भारत की भूमि पर, आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है. भारत, दोस्ती भी निभाना जानता है और आंख में आंख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के तहत कहा कि सैकड़ों सालों तक अलग- अलग आक्रांताओं ने देश पर हमला किया, तब लोगों को ऐसा लगता था कि भारत की संरचना ही खत्म हो जाएगी, लेकिन इन संकटों से भी भारत और भी भव्य होकर सामने आया.

इस मौके पर उन्होंने देशवासियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी मिशन जनभागीदारी के बिना पूरा या सफल नहीं हो सकता है. आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी आपका संकल्प और समर्पण जरूरी है. आप लोकल खरीदेंगे और लोकल के लिए वोकल होंगे, तो आप देश को मजबूत बना रहे होंगे.

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