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गलवान घाटी हिंसक झड़प नरम पड़ा चीन का रुख, राजदूत ने कहा दुर्भाग्यपूर्ण घटना

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India China News

  • गलवान घाटी हिंसक झड़प को लेकर चीनी राजदूत का दावा
  • समृद्धशाली इतिहास वाले दोनों देश इसे जल्द भूल जाएंगे
  • हिंसक झड़प को बताया दुर्भाग्यपूर्ण घटना
  • इससे पहले हिंसक झड़प के लिए चीनी राजदूत ने भारत को ठहराया था जिम्मेदार 

गलवान घाटी में होने वाली हिंसक के दो महीने बाद भी सीमा के साथ ही साथ दोनों देशों के बीच के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं.

इस बीच दोनों देशों के बीच के रिश्तों को एक बार फिर से सामान्य बनाने के लिए सैन्य स्तर की बातचीत जारी है. लेकिन आज तक जितने भी दौर की बातचीत हुई है बेनतीजा ही रही है.

इस बीच भारत में चीन के राजदूत सन वेइदॉन्ग ने गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.

इतना ही नहीं उन्होंने कहा चीन और भारत दोनों समृद्धशाली इतिहास वाले देश हैं इसलिए इसे जरुर नजरअंदाज कर आगे बढ़ेंगें.

‘चीन-भारत यूथ वेबिनार’ में किया बड़ा दावा

भारत में चीनी राजदूत सन वेइदॉन्ग ने ‘चीन-भारत यूथ वेबिनार’ को संबोधित करते हुए इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि इतिहास के संदर्भ में यह छड़िक लम्हा था जिसे ना तो चीन और ना ही भारत याद रखना पसंद करेगा उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद अब हम दोनों देशों के बिगड़े रिश्तों को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं.

द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की जरूरत

वेइदॉन्ग ने कहा कि 70 साल पहले चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना हुई थी.

द्विपक्षीय संबंधों में कई बार उतार चढ़ाव भी आए उन्होंने कहा कि सिर्फ एक घटना से दोनों देशों के बीच के रिश्ते खत्म नहीं होने चाहिए बल्कि इस संबंध को नई सदी में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ना चाहिए.

चीनी राजदूत ने भरोसा जताया कि भारत और चीन के पास द्विपक्षीय संबंधों को ठीक से संभालने की समझदारी और क्षमता भी है.

यह भी पढ़ें: चीनी राजदूत का दावा, गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प का चीन नहीं भारत जिम्मेदार

हिंसक झड़प के लिए चीन नहीं भारत जिम्मेदार India China News

इससे पहले चीनी राजदूत ने चीनी दूतावास की मैगजीन में छपे अपने लेख में जोर देते हुए कहा कि अगर इस घटना को गहराई से देखा जाए तो पता चलता है कि चीन नहीं बल्कि इस मामले को लेकर भारत जिम्मेदार है.

भारतीय सेना ने उकसावे के लिए एलएसी को पार किया और चीनी सैनिकों पर हमला किया.

भारतीय सेना ने सीमा समझौता का उल्लंघन किया इस लिए मामले की जांच होनी चाहिए साथ ही साथ जिम्मेदार भी ठहराया जाना चाहिए.

हिंसक झड़प के बाद बना तनाव की स्थिति

गौरतलब है कि 15 जून को गलवान घाटी में होने वाले खूनी झड़प के बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में टकराव आ गया है. इस हमले के बाद भारत में चीन को लेकर जमकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है.

इतना ही नहीं भारत और चीन के बीच जारी तकरार की स्थिति को कम करने के लिए लगातार दोनो देश सैन्य स्तर पर बातचीत कर रहे हैं. India China News: 

लेकिन अभी तक होने वाली तमाम सैन्य स्तर की बातचीत बेनतीजा ही साबित हुए हैं.

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