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12 सितंबर से चलेंगी 80 स्पेशल ट्रेनें, 15 दिसंबर से परीक्षाएं आयोजित करेगा रेलवे

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भारतीय रेलवे (Indian Railways) 12 सितंबर से 80 नई स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि इन 80 स्पेशल ट्रेनों को 12 सितंबर से चलाने के लिए 10 सितंबर से इनका रिज़र्वेशन शुरू कर दिया जाएगा.
वहीं रेलवे (Indian Railways) 15 दिसंबर से अपनी परीक्षाएं आयोजित करने जा रहा है.

भारतीय रेलवे (Indian Railways) बोर्ड के चेयरमैन विनेद कुमार यादव ने कहा,

’40 जोड़ी यानी 80 स्पेशल ट्रेनों को पहले से चल रही 230 ट्रेनों के अतिरिक्त चलाया जाएगा.
राज्यों की मांग और जरूरत के हिसाब से ट्रेनों को चलाया जाएगा.’

रेल मंत्रालय के मुताबिक ट्रेन ऑक्यूपेंसी और लोगों के मूवमेंट के आधार पर एक नया ट्रेंड सामने आया है. इसमें ये देखा गया है कि अब प्रवासी मज़दूर तेज़ी से बड़े शहरों की ओर वापसी कर रहे हैं. यानी जिन-जिन शहरों से प्रवासी मज़दूर करोना संकट के कारण काम छोड़कर अपने गांव-कस्बे को लौट गए थे, अब वो वापस काम के लिए शहर लौट रहें हैं.

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इसको एक बड़ा आधार बनाकर रेलवे (Indian Railways) ने 12 सितंबर से 80 स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है ताकि प्रवासी मज़दूरों को काम के लिए वापस शहर पहुंचने में दिक्कत ना आए.

जहां मांग होगी, वहां मिलेगी सुविधा

भारतीय रेलवे (Indian Railways) बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि जो स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, उनकी निगरानी की जाएगी. जहां भी ट्रेन की मांग होगी या लंबी प्रतीक्षा सूची होगी, वहां एक्चुअल ट्रेन से पहले क्लोन ट्रेन चलाई जाएगी.

उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के लिए या राज्य सरकारों से अनुरोध पर स्पेशल ट्रेनों को किया जाएगा.

कोरोना संकट में चली थीं श्रमिक स्पेशन ट्रेन

करोना संकट के दौरान प्रवासी मज़दूरों को ही ध्यान में रखते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं जो राज्यों की मांग के आधार पर चलाई गईं थी.
श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग अब ख़त्म हो गई है. हालांकि रेलवे (Indian Railways) का कहना है कि जब भी राज्यों की मांग होगी वो ये ट्रेनें चलाएंगे.
श्रमिक स्पेशल ट्रेनें नॉन एसी थीं लेकिन ये ट्रेनें राज्यों की ओर से पूर्णतया रिज़र्व ट्रेनें थीं जिनमें राज्य सरकार अपनी सूची के आधार पर प्रवासी मज़दूरों को ले जाती थी.

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के बाद 12 मई को 15 राजधानी स्तर की पूर्णतया एसी ट्रेनें चलाई गई थीं. इसके बाद 1 जून से 100 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं थीं जिनमें स्लीपर क्लास भी शामिल था.

15 दिसंबर से परीक्षाएं आयोजित करेगा रेलवे

उधर भारतीय रेलवे (Indian Railway) बोर्ड के अध्यक्ष यादव ने शनिवार को कहा कि रेलवे 15 दिसंबर से कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं का पहला चरण आयोजित करेगा. यादव ने एक वर्चुअल ब्रीफिंग में बताया कि यह परीक्षाएं तीन श्रेणियों के लगभग 1.40 लाख पदों को भरने के लिए आयोजित की जाएंगी.
वैकेंसी तीन प्रकार की हैं- गैर-तकनीकी पॉपुलर कैटेगरी (गार्ड, क्लर्क आदि), पृथक और मंत्रिस्तरीय व लेवेल 1 (ट्रैक मेंटेनर, पॉइंट्समैन आदि). रेल मंत्री पियूष गोयल ने भी ट्विटर पर परीक्षाओं की तिथियां घोषित की हैं.

 

भारतीय रेलवे (Indian Railways) बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते परीक्षाएं आयोजित नहीं की जा सकी थीं. यादव ने कहा,

“हमने 1,40,640 पदों के लिए विभिन्न श्रेणियों में भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. ये कोविड महामारी से पूर्व की अवधि में अधिसूचित किए गए थे. इन आवेदनों की स्क्रूटनी पूरी हो गई थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण कंप्यूटर आधारित परीक्षा पूरी नहीं हो सकी.”

एक बयान के मुताबिक रेलवे भर्ती बोर्ड सभी नोटिफाईड वैकेंसियों के लिए कंप्यूटर-आधारित परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है और महामारी के बीच जमीनी स्थिति का सक्रिय रूप से आकलन कर रहा है.

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