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कोरोना और बाढ़ की वजह से JEE-NEET की परीक्षा हो स्थगित: ओडिशा सीएम

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  • ओडिशी मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने की पीएम मोदी से बातचीत
  • कोरोना और राज्य में पैदा हुई बाढ़ की स्थिति को लेकर परीक्षा स्थगित करने की मांग
  • इससे पहले विपक्ष परीक्षा स्थगित करने का कर चुका है मांग

कोरोना संकटकाल में आयोजित होने वाली जेईई और नीट पर की परीक्षा को टालने के लिए हंगामा हो रहा है.

कल परीक्षा स्थगित करने की मांग को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने एक अहम बैठक का आयोजन किया था जिसमें सात से ज्याद राज्य के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लेकर परीक्षा को फिलहाल टालने की मांग रखी थी.

इतना ही नहीं बैठक में सुझाव आया था कि अगर सरकार कोरोना के कहर को अनदेखा कर परीक्षा आयोजित कराना ही चाहती है तो इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए.

ऐसे में अब जानकारी आ रही है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री पर परीक्षा टालने की मांग कर रहे हैं.

राज्य में बढ़ा और बढ़ते कोरोना का दिया हवाला

ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बात कर कोरोना करह को देखते हुए फिलहाल परीक्षा को स्थिगत करने का अनुरोध किया है.

इतना ही नहीं उन्होंने बातचीत कर कहा कि ओडिशा में बाढ़ की स्थिति आज भी बनी हुई है इससे परीक्षा केंद्र तक जाने में छात्रों को काफी परेशानी होगी.

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इससे पहले खत लिखकर कर चुके हैं परीक्षा स्थगित करने की मांग

गौरतलब है कि इससे पहले 25 अगस्त को सीएम नवीन पटनायक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर परीक्षा को स्थगित करने का अनुरोध किया था.

पटनायक ने अपने पत्र में लिखा था. ओडिशा से जेईई मेन में 50 हजार और नीट में 40 हजार बच्चों को शामिल होना है.

इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए सिर्फ राज्य के सात शहरों में सेंटर बनाए गए है.

जिससे कोरोना काल में छात्रों का लंबा सफर तय कर परीक्षा केंद्र पर पहुंचना असुरक्षित होगा.

शिक्षाविदों ने पीएम मोदी को लिखा खत

कोरोना संकटकाल में जहां एक तरफ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई और नीट की परीक्षा कराने को लेकर अडिग है.

वहीं विपक्ष इस मामले को लेकर हंगामा कर रहा है. ऐसे में अब देश और विदेश के अलग-अलग यूनिवर्सिटी से जुड़े शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर कहा कि अगर यह दो अहम परीक्षा में देरी होती है तो छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा.

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