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जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त होने के एक साल पूरे

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  • 5 अगस्त 2019 को खत्म हुआ था आर्टिकल 370
  • कश्मीर में लगाया गया है कर्फ्यू
  • विकास की ओर अग्रसर है जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त होने के एक साल पूरे हो गए हैं. बीते एक साल में जम्मू-कश्मीर में बहुत कुछ बदल गया है.

सरकार तेजी से विकास के मोर्चे पर फोकस करके लोगों का दिल जीतने में जुटी है.
रोजगार के लिहाज से उद्योग लगाने के लिए छह हजार एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित की गई है.

करीब 13600 करोड़ रुपए के 168 एमओयू दस्तखत किए गए हैं.
बीते एक साल में सात केंद्र प्रायोजित योजनाओं में शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का दावा जम्मू कश्मीर प्रशासन द्वारा किया गया है.

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पिछले साल 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने संसद में धारा 370 खत्म करने की घोषणा की थी.

साथ ही कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश में भी विभाजित कर दिया था.

कश्मीर में कर्फ्यू

हालात को देखते हुए पहली वर्षगांठ से पहले हिंसा और प्रदर्शनों के संबंध में ‘‘पुख्ता सूचना” के आधार पर प्रशासन ने सोमवार को शहर में कर्फ्यू लगा दिया. श्रीनगर के जिलाधिकारी शाहिद इकबाल चौधरी ने एक आदेश में कहा कि कर्फ्यू तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
यह पांच अगस्त तक प्रभावी रहेगा.

ट्विटर पर कर रहा काला दिवस ट्रेंड

उधर ट्विटर पर भी इस मौके पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
ट्विटर पर मंगलवार शाम से ही काला दिवस ट्रेंड कर रहा है.

स्थानीय जिलाधिकारी ने कहा कि श्रीनगर के पुलिस अधीक्षक ने सूचना दी है कि अलगाववादी और पाकिस्तान प्रायोजित समूह पांच अगस्त को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने, हिंसा और प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं.
इसको लेकर सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रखा गया है.

एक साल में क्या बदला

बीते एक साल की उपलब्धियों का दावा करते हुए कहा गया है कि 50 नए डिग्री कॉलेज शुरू किए गए हैं और 25 हजार नई सीट कॉलेज में जुड़ी हैं.
सात नए मेडिकल कॉलेज जम्मू-कश्मीर में शुरू हुए हैं.

वहीं कुपवाड़ा ऑर्गेनिक खेती का हब बन रहा है. पांच साल से अटका श्रीनगर का रामबाग फ्लाईओवर खोल दिया गया है.
जम्मू रिंग रोड एक साल के दौरान 25 फीसदी बन गई है.
जम्मू, श्रीनगर मेट्रो के लिए 10 हजार 599 करोड़ रुपए का डीपीआर बन गया है.

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