Gujarat Exclusive > देश-विदेश > कर्नाटक हाईकोर्ट की अजीब टिप्पणी, ‘रेप के बाद सो जाना भारतीय नारी को शोभा नहीं देता’

कर्नाटक हाईकोर्ट की अजीब टिप्पणी, ‘रेप के बाद सो जाना भारतीय नारी को शोभा नहीं देता’

0
3263

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बलात्कार, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के एक केस में एक अजीब टिप्पणी की है. कोर्ट ने एक आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए इस बात को नोट किया है कि ‘बलात्कार’ के बाद सो जाना किसी भारतीय नारी को शोभा नहीं देता’. न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित ने ये टिप्पणी उस समय की, जब वो आरोपी रमेश बी की याचिका पर उसे अग्रिम जमानत दे रहे थे.

जज ने जमानत के कारण बताते हुए नोट किया कि ‘अपराध हो जाने के बाद’ शिकायतकर्ता का सो जाने का दावा, चूंकि वो थक गई थी, ‘किसी भारतीय नारी को शोभा नहीं देता’. अपने संक्षिप्त आदेश में जज ने कहा, ‘बलात्कार हो जाने पर हमारी महिलाओं का व्यवहार इस तरह का नहीं होता’.

इतना ही नहीं जमानत के आदेश में एक कारण ये भी दिया गया है कि शिकायतकर्ता ये सफाई नहीं दे पाई कि कथित अपराध के दिन वो रात 11 बजे ऑफिस क्यों गई थी और उसने अभियुक्त के साथ ‘ड्रिंक्स’ लेने पर एतराज क्यों नहीं किया. इस मामले में कोर्ट ने 6 शर्तें लगाई हैं जिनका अभियुक्त को जमानत के दौरान पालन करना होगा और अगर इसका उल्लंघन हुआ तो जमानत रद्द की जा सकती है.

हालांकि सरकारी वकील ने जमानत याचिका का जोरदार विरोध किया और कहा कि अभियुक्त पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं और इस बात को साबित करने के लिए काफी तथ्य हैं कि उसने इस कथित अपराध को अंजाम दिया था. अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि अपराधी को अग्रिम ज़मानत देना ‘समाज के लिए सुरक्षित नहीं होगा’ और उसकी याचिका खारिज कर देनी चाहिए लेकिन जज ने माना कि केवल अपराध की ‘गंभीरता’, किसी नागरिक को जमानत से वंचित करने का आधार नहीं हो सकती.

इस्लामाबाद में बनेगा पहला हिंदू मंदिर, पाकिस्तान सरकार देगी 10 करोड़ रुपये