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सौराष्ट्र में 50 साल के इतिहास में पहली बार आयोजित नहीं होगा लोकमेला

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राजकोट: श्रावण के महीने में जन्माष्टमी के मौके पर राजकोट में आयोजित होने वाला मेला इस साल आयोजित नहीं किया जाएगा. राजकोट के 50 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब लोकमेला आयोजित नहीं किया जाएगा. इसकी घोषणा राजकोट की जिला कलेक्टर रेम्या मोहन ने की. यह फैसला कोरोना की वैश्विक महामारी को मद्देनजर रखते हुए लिया गया है.

सौराष्ट्र में आयोजित होने वााले इस लोकमेला का अपना अलग महत्व है. श्रावण मास में कई जिला में 5 दिनों तक विभिन्न मेलों का आयोजन किया जाता है. राजकोट लोकमेला में 5 दिनों के दौरान सौराष्ट्र में लगभग 10 लाख लोग आते हैं. श्रावण मास के दौरान सौराष्ट्र में लगभग 100 मेले आयोजित किए जाते हैं. लेकिन इस साल आयोजित होने वाले इस मेला पर भी कोरोना का ग्रहण लग गया है.

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सौराष्ट्र सहित पूरे गुजरात में कोरोना वायरस का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है. जिसकी वजह से यह निर्णय लिया गया है. यदि मेले का आयोजन किया जाता है तो अधिक लोग इकट्ठा होंगे और सामाजिक दूरी को बनाए रखने में परेशानी होगी. ऐसे में अगर कोई संक्रमित व्यक्ति मेले में आ जाता है. तो वह अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकता है. इसीलिए मेले को रद्द करने का फैसला जिला कलेक्टर ने लिया है.

गुजरात में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 हजार के पार पहुंच गई है. जबकि मरने वालों की संख्या 2229 हो गई है. इसीलिए एहतीयात के तौर पर जिला कलेक्टर ने मेले का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है.

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