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धर्मांतरण एक्ट जल्दबाजी में लिया गया फैसला, योगी सरकार करे पुनर्विचार: मायावती

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में धर्म परिवर्तन प्रतिषेध एक्ट को लागू कर दिया है. इस मामले पर लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है. Love jihad law mayawati

सोमवार को बहुजन समाज पार्टी और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस एक्ट पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए आपाधापी में लाया गया अध्यादेश करार देते हुए कहा कि इस एक्ट में अनेक शंका है इसलिए राज्य सरकार को एक बार फिर विचार करना चाहिए. Love jihad law mayawati

ट्वीट कर योगी सरकार को मायावती ने दी सलाह

बसपा अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने ट्वीट कर लिखा “लव जिहाद को लेकर यूपी सरकार द्वारा आपाधापी में लाया गया धर्म परिवर्तन अध्यादेश अनेकों आशंकाओं से भरा जबकि देश में कहीं भी जबरन व छल से धर्मान्तरण को न तो खास मान्यता व न ही स्वीकार्यता. इस सम्बंध में कई कानून पहले से ही प्रभावी हैं. सरकार इस पर पुनर्विचार करे, बीएसपी की यह माँग.”

 

राज्यपाल आनंदी पटेल ने लगाई थी मंजूरी की मुहर Love jihad law mayawati

उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ बने कानून को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है. कानून विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध बिल के मसौदे को बुधवार को अनुमोदन के लिए राजभवन भेजा गया था. शनिवार को राज्यपाल से बिल को मंजूरी मिलते ही यह प्रदेश में अध्यादेश के तौर पर लागू हो गया है.

क्या होगी अब कानूनी प्रक्रिया Love jihad law mayawati

विवाह के लिए छल, कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 साल के कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है. Love jihad law mayawati

इसके अलावा इस कानून के मुताबिक, धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी और यह बताना होगा कि धर्म परिवर्तन जबरन, दबाव डालकर, लालच देकर या किसी तरह के छल कपट से नहीं किया जा रहा है.

अनुमति से पहले 2 महीने का नोटिस देना होगा. ऐसा न करने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा होगी, वहीं कम से कम 10 हजार का जुर्माना भी देना होगा.

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यूपी में लव जिहाद पर बने कानून को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी मंजूरी