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सांसदों को निलंबन पर भड़की ममता, भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप

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  • लोकसभा और राज्यसभा में पास हुआ कृषि बिल
  • कृषि बिल पास होने के बाद तेज हुई सियासत
  • सांसदों को निलंबन पर भड़की ममता
  • बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप

लोकसभा और राज्यसभा में कृषि बिल पास होने के बाद अब इस बिल पर सियासत तेज हो गई है. कल सदन में बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था.

उस हंगामे का असर आज भी देखने को मिला. राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति वेंकैया नायडू ने चर्चा के दौरान हंगामा करने वाले विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया.

अब इस मामले को लेकर ममता बेनर्जी ने हमला बोला है.

निलंबित होने के बावजूद भी सांसद सदन से बाहर नहीं निकल रहे जिसकी वजह से राज्यसभा की कार्यवाही को कल सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

इस बीच तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है.उन्होंने बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया है.

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ममता ने ट्वीट कर भाजपा पर लगाया आरोप

ममता बनर्जी ने ट्वीट कर लिखा “किसानों के हितों की रक्षा के लिए लड़ने वाले 8 सांसदों का निलंबन इस लोकतांत्रिक सरकार की मानसिकता के लिए दुभाग्यपूर्ण और चिंतनशील है.

जो लोकतांत्रिक मानदंडों और सिद्धांतों का सम्मान नहीं करती है. हम संसद और सड़कों पर इस फासीवादी सरकार से लड़ते रहेंगे.”

 

सभापति वेंकैया नायडू ने की थी कड़ी कार्रवाई

राज्यसभा में हंगमा करने वाले 8 विपक्षी सदस्यों को सस्पेंड करने के दौरान सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि कल जो कुछ सदन में हुआ वह बहुत बुरा था.

हंगमा के दौरान माइक तोड़ दिया गया पेपर फेंका गया यहां तक कि उपसभापति को धमकी भी दी गई उन्हे अपनी जिम्मेदारी को निभाने से रोकने की कोशिश की गई जो निंदनीय है.

उन्होंने हंगामा करने वाले 8 सदस्यों को सदन से एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया और उपसभापति के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव भी खारिज कर दिया.

वैंकेया नायडू ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में नहीं है और इसके लिए जरूरी 14 दिनों के समय का भी पालन नहीं किया गया है.

इन सदस्यों को किया गया सस्पेंड

कृषि विधयक का विरोध करने के बाद जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं. तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन.

कांगेस के राजीव सातव, सैयद नजीर हुसैन और रिपुन बोरा. आम आदमी पार्टी के संजय सिंह. माकपा के केके रागेश और इलामारम करीम शामिल हैं.

निलंबन का फैसला सुनाने के दौरान भी राज्यसभा में हंगामा जारी रहा.

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