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महिला ने स्कूटर लोन के लिए दिया आवेदन, बदले में मिला मैरिज सर्टिफिकेट

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Marriage Certificate Fraud Case: गुजरात राज्य के वडोदरा जिले से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने स्कूटर लोन (Vehicle loan) के लिए आवेदन भरा था लेकिन उसके पैरों तले जमीन तब खिसक गई जब उसे बदले में मैरिज सर्टिफिकेट (Marriage Certificate) दिया गया.

वडोदरा जिले की एक महिला ने स्कूटर फाइनेंस कराने के लिए कुछ डॉक्यूमेंट एक व्यक्ति को दिए थे लेकिन एक साल बाद महिला को उस वक्त झटका लगा, जब उसको पता चला कि उसे लोन डिस्बर्सल लेटर की बजाय एक मैरिज सार्टिफिकेट (Marriage Certificate) दिया गया है. इसमें आधिकारिक रूप से विजय से उसकी शादी होने की बात लिखी है.

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कम पढ़े लिखे होने का उठाया फायदा

वडोदरा की रहने वाली मीना परमार एक स्कूटर लेना चाहती थीं. इसी सिलसिले में नवंबर 2017 में मीना परमार की मुलाकात कर्जन निवासी विजय परमार से हुई तो विजय ने मीना से वाहन लोन दिलाने का आश्वासन दिया.

इसके बाद विजय परमार ने मीना परमार के कम पढ़े होने का फायदा उठाते हुए उससे शादी के पंजीकरण पत्रों (Marriage Certificate) पर यह कहकर हस्ताक्षर करवा लिए कि वह वाहन लोन के आवेदन पत्र है.

10 नवंबर, 2017 को मीना ने विजय से जेल रोड स्थित नर्मदा भवन में मुलाकात की, जहां मीना ने अपना हस्ताक्षर किया और आवेदन पर अपना अंगूठे का निशान लगा दिया. हालांकि, उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसने जो कागजात पर हस्ताक्षर किए थे, वे वास्तव में विवाह पंजीकरण (Marriage Certificate) के लिए थे.

तलाक के लिए लगाई अर्जी

मीना ने इसके बाद तलाक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया. अपनी याचिका में मीना ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की. अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल जज एसजी चेंचू की कोर्ट ने मीना के मामले को रद्द कर दिया, क्योंकि तलाक के लिए उसका आधार हिंदू विवाह अधिनियम की कुछ धाराओं के अनुसार नहीं था. अदालत ने यह भी कहा कि वह यह साबित नहीं कर सकती कि उसके साथ धोखा हुआ है.

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