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संसद के दोनों सदनों में मोदी सरकार पेश करेगी आर्थिक सर्वे, आईये जानते है आर्थिक विकास का सालाना लेखाजोखा

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संसद के बजट सत्र का पहला चरण आज से शुरू हो गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होने के बाद. आज ही सरकार दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी, जबकि शनिवार को आम बजट पेश करेगी. वर्ष 2019-2020 सर्वे से यह साफ होगा कि मौजूदा वित्त वर्ष में देश के वास्तव में क्या आर्थ‍िक हालात रहे हैं. यह सर्वे इकोनॉमी की आध‍िकारिक तस्वीर पेश करता है, इसलिए सबकी नजरें इस पर लगी होंगी. इकोनॉमिक सर्वे में जीडीपी, निवेश, निर्यात, एनपीए, राजकोषीय घाटा जैसी महत्वपूर्ण मामलों की सही तस्वीर सामने आएगी. वास्तव में यह भारतीय अर्थव्यवस्था के कई ‘छुपे सच’ को भी उजागर करेगा.

आर्थिक सर्वे क्‍या होता है ?

आर्थिक सर्वे कोई बहुत कठिन चीज नहीं है, जो लोगों को समझ में ना आए. आसान भाषा में कह सकते हैं कि देश के आर्थिक विकास का सालाना लेखाजोखा आर्थिक सर्वे कहलाता है. इस सर्वे रिपोर्ट से आधिकारिक तौर पता चलता है कि बीते साल आर्थिक मोर्चे पर देश का क्‍या हाल रहा है. इसके अलावा सर्वे से यह भी जानकारी मिलती है कि आने वाले समय के लिए अर्थव्यवस्था में किस तरह की संभावनाएं मौजूद हैं. साथ ही देश को किस तरह की चुनौतियों से जूझना पड़ सकता है. अगर और भी आसान भाषा में कहें तो वित्त मंत्रालय की इस रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर देखी जा सकती है. अकसर, आर्थिक सर्वे के जरिए सरकार को अहम सुझाव दिए जाते हैं. इन सिफारिशों को सरकार लागू करे या न करे यह सरकार पर निर्भर करता है.

कैसे तैयार होता है आर्थिक सर्वे?

इस सर्वे को वित्त मंत्रालय के बड़े और जिम्मेदार अधिकारी तैयार करते हैं, जिसमें वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार और उनकी टीम शामिल होती है. इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम हैं. ऐसे में जाहिर सी बात है कि कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम की अगुवाई में आर्थिक सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई है. वित्त मंत्रालय के इस अहम दस्तावेज को सदन में वित्तमंत्री द्वारा पेश किया जाता है. जो आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में पेश करेंगी.

आपको बता दें कि बीते साल 4 जुलाई को निर्मला सीतारमण ने अपना पहला आर्थिक सर्वे पेश किया था. इसके बाद 5 जुलाई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश किया गया था. देश में पहली बार आर्थिक सर्वे 1950-51 में जारी किया गया था और वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर 1957-58 से आगे के दस्तावेज भी मौजूद हैं.