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जन्मदिन विशेष: वैश्विक नेता की अमिट छवि बनाने की ओर अग्रसर नमो

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 Narendra Modi birthday special News

विकास पुरुष के नाम से जाने जा रहे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी आज एक ऐसा नाम है जो विश्व स्तर पर किसी पहचान का मोहताज नहीं है.

भारतीय राजनीतिक पटल पर सफलता के सोपान गढ़ने वाले पीएम मोदी आज वैश्विक नेता बन चुके हैं.

पीएम मोदी  की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विपरीत परिस्थितयों को मौके में बदलना बखूबी जानते हैं इसीलिए वह आज महासत्ताशाली देश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की श्रेणी में खुद को खड़ा कर लिया है.  70 साल की उम्र के पड़ाव पर पहुंचने के बावजूद भी उनमें आज 35 साल के युवा का जोश दिखाई देता है. Narendra Modi birthday special latest news

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi birthday special)के बहुआयामी व्यक्तित्व की खासियत यह है कि वह

आज हिंदू सम्राट से पहले विकास पुरुष के तौर पर जाने जाते हैं. 13 सालों तक गुजरात को वाइब्रेंट मोड पर रखकर दिल्ली का रनवे तैयार करने वाले मोदी चौकीदार.

प्रधान सेवक फकीर के तौर पर जनता से संवाद कर मन की बात करते हैं और इस दौरान वह जनता के नब्ज को टटोलने की कोशिश करते हैं.

मोदी के वैश्विक नेता बनने की कहानी का आगाज 13 सितंबर, 2013 को तब हुआ, जब उन्हें 2014 लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया. (Narendra Modi birthday special)

मोदी के रानीतिक गुरू लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज हिंदूवादी नेता से ज्यादा मोदी को तरजीह दी गई.

Narendra Modi birthday special news

 

नतीजा यह निकला कि एक वक्त में सिर्फ कुछ सीटों पर सीमित रहने वाली भाजपा ने शानदार कामयाबी हासिल की

शायद यह इसलिए मुमकिन हुआ कि पार्टी ने मोदी (Narendra Modi birthday special) के चेहरे पर चुनाव लड़ा था.

यह भी पढे: पीएम मोदी ने बिहार को दी 541 करोड़ की सौगात, कहा- राष्ट्रनिर्माण में प्रदेश का योगदान बड़ा

इस कामयाबी का फायदा आज पूरी पार्टी उठा रही है. वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी के विरोध के बावजूद उन्हें पीएम पद का

दावेदार बनाया गया जो एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हुआ और भाजपा विपक्ष की तमाम कोशिशों को धराशाई कर ऐतिहासिक जीत हासिल कर विपक्ष को जड़ से उखाड़ फेंक दिया. Narendra Modi birthday special latest news

2019 चुनावी प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi birthday special) के खिलाफ विपक्ष काफी ज्यादा

हमलावर नजर आया. जहां चौकीदार को चोर बताया गया वहीं राफेल मामले को लेकर बीजेपी हुकूमत पर सवाल खड़े किए गए.

साथ ही साथ नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार बताया गया, लेकिन इन तमाम संकटों को

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi birthday special) ने एक अवसर बना लिया और एक ऐतिहासिक जीत हासिल कर हमलावर विपक्ष को खामोश कर दिया.

ऐतिहासिक जीत मिलने के बाद ऐसा भी कहा जाने लगा कि हिंदुस्तान अब चौकीदारमय हो गया है.
नमोमय हो गया है. 17 वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे खासतौर से विपक्ष को हजम नहीं हो रहा है.

इसे सुनामी कहा जा सकता है और सचमुच सुनामी ही था क्योंकि जो भव्य जीत मोदी के नाम पर बीजेपी को मिली थी. उससे हार भी अपमानजनक महसूस करने लगा था.

ट्रंप की दोस्ती और चीन की दुश्मनी Narendra Modi birthday special latest news

पूरा विश्व कोरोना महामारी से त्रास्त है. इस संकट की घड़ी में कई देशों में युद्ध जैसे हालात हैं. अमेरिका-चीन की दुश्मनी एक नए आयाम पर पहुंच चुकी है. फ्रांस और तुर्की के मतभेद अलग ही स्तर पर जा पहुंचे हैं. भारत-पाकिस्तान मामला अभी किसी अंजाम पर पहुंचा भी नहीं था कि चीन ने सीमा पर हमारे लिए एक नई चुनौती पैदा कर दी है.

हालांकि इन तमाम उठा-पठक में पावरहाउस अमेरिका से भारत की निकटता बढ़ी है. अब इसे मोदी लहर कहें या फिर अमेरिका का मौका परस्त होना लेकिन डोनाल्ड ट्रंप से मोदी की निकटता भारत के लिए फायदे का सौदा साबित हुई है.

यह भी पढे: मानसून सत्र के आगाज पर PM ने चीन को दिया कड़ा संदेश, देश वीर जवानों के साथ खड़ा है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाथ पकड़कर उनके ही देश में उन्हें घुमाने का काम सिर्फ मोदी जैसा वैश्विक नेता ही कर सकता है. मैडिसन स्कॉयर में लाखों की भीड़ के बाद अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप तक अमेरिकी राष्ट्रपति को खींच लाना मोदी  की बेमिसाल प्रतिभा का ही नतीजा रहा.

आज चीन से भारत उसकी जुबान में बात कर रहा है तो इसका श्रेय पीएम मोदी की कुशल अगुवाई को दिया जा सकता है. भारतीय सेना ने चीन को विवादित सीमा क्षेत्र से खदेड़ने का वो दम दिखाया है जिसकी कुछ साल पहले तक हम सिर्फ योजना बनाते थे. बेशक विपक्ष कई मुद्दों को लेकर केंद्र की नीतियों पर सवाल खड़े कर रहा हो लेकिन उन सवाल में वह दम नहीं है जो मोदी की साख को हिला सके.

मोदी बनने की कहानी

इतिहास के पन्नों में झांककर देखें तो मोदी बनने की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में जन्म लेने के बाद उनके लिए हालात कभी माकूल नहीं थे. उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को दमोदरदास मूलचंद मोदी और हीराबेन मोदी के यहां हुआ था. जो बनिया समुदाय से ताल्लुक रखते थे.

उनकी संघर्ष की गाथा तब शुरू हुई, जब एक किशोर के रूप में वह अपने भाई के साथ वडनगर में एक रेलवे स्टेशन के पास चाय स्टॉल लगाया करते थे. उन्होंने वडनगर से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की और दिल्ली विश्वविद्याल से स्नातक करने के बाद गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर की डिग्री हासिल की.

नरेंद्र मोदी (Narendra Modi birthday special) ने अपने कॉलेज के दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के ‘प्रचारक’ (प्रमोटर) के रूप में काम किया. उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया और अगले दो वर्षों तक देश भर में यात्रा की.

यह भी पढे: नई शिक्षा नीति पर बोले PM मोदी, पढ़ने से ज्यादा सीखने पर दिया गया है महत्व

बाद के चरण में 1990 के दशक के दौरान जब मोदी ने नई दिल्ली में भाजपा के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में कार्य किया,
तो उन्होंने सार्वजनिक संबंधों और छवि प्रबंधन पर अमेरिका में तीन महीने का कोर्स पूरा किया.

हमेशा रणनीतिकार और पार्टी में संगठन का काम करने वाले नरेंद्र मोदी ने 2001 से पहले कोई चुनाव नहीं लड़ा था.
लेकिन कच्छ में भूकंप के बाद केशुभाई पटेल की सरकार के कामकाज पर सवाल खड़ा होने लगा था.
जिसके बाद मोदी को दिल्ली से गुजरात भेजा गया और उसको गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया.
लेकिन नियम के अनुसार उन्हें 6 महीने के अंदर विधानसभा चुनाव जीतना था. इसके लिए उन्होंने सबसे सुरक्षित सीट
राजकोट 2 से चुनाव लड़ने का फैसला किया जिसके लिए वहां के विधायक वजुभाई वाणा ने इस्तीफा दे दिया.

 

राजकोट उपचुनाव से मोदी के जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ. उनके सामने कांग्रेस ने दिग्गज नेता अश्विन मेहता को मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें कामयाबी हासिल नहीं हुई.
नरेंद्र मोदी के जीवन का यह पहला चुनाव था लेकिन यह चुनाव किसी चुनौती से कम नहीं था.
लेकिन उसके बाद मोदी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. एक, दो नहीं बल्कि चार बार वह गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हुए.

गुजरात से दिल्ली तक का सफर

2014 लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने पूरे देश में लगभग 437 चुनावी रैलियां की.
इन रैलियों में नरेंद्र मोदी ने कई सारे मुद्दों को जनता के सामने रखा. लेकिन जनता सबसे ज्यादा विकास के नाम से प्रभावित होकर बीजेपी को वोट दिया.
यही कारण था कि बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के आधार पर 534 में से 282 सीटें अपने नाम कीं.

प्रधानमंत्री पद के लिए जीत हासिल करने के बाद 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और इस तरह से वे देश के 14वें प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए.
वह ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की आजादी के बाद पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री बने.

एक बार फिर मोदी सरकार Narendra Modi birthday special

2019 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी का परचम फिर लहराया.
मोदी लहर ने दूसरे दलों को बहुत पीछे छोड़ दिया. इस बार भी नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ 303 सीटें प्राप्त कर अभूतपूर्व जीत हासिल की.
भारत के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी नेता ने लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ इतनी बड़ी जीत हासिल की हो.

फिलहाल वह बतौर प्रधानमंत्री अपना दूसरे कार्यकाल का सफल निर्वाह कर रहे हैं.
आज मोदी सबसे लंबे समय तक भारत के प्रधानमंत्री रहने वाले गैर कांग्रेसी पीएम हैं. (Narendra Modi birthday special)
सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास यह वहीं नारा है जिसकी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चौतरफा गुणगान हो रहा है.
इस नए नारे की वजह से पूरे हिंदुस्तान के मुसलमानों में भी एक नया विश्वास देखने को मिल रहा है.

नरेंद्र मोदी, एक परिचय

पूरा नाम  नरेंद्र दामोदरदास मोदी
अन्य नाम मोदी जी, नमो
राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी
जन्म तिथि 17 सितंबर, 1950
जन्म स्थान  वडनगर, बॉम्बे स्टेट (वर्तमान में गुजरात), भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर वडनगर, गुजरात, भारत
धर्म  हिन्दू
जाति मोध घांची (ओबीसी)
वर्तमान पता  7 रेस कोर्स रोड, नई दिल्ली
शैक्षणिक योग्यता पोलिटिकल साइंस में बीए एवं एमए
राशि कन्या
कद 5 फुट 7 इंच

इस कामयाबी का फायदा आज पूरी पार्टी उठा रही है. वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी के विरोध के बावजूद उन्हें पीएम पद का (Narendra Modi birthday special)

दावेदार बनाया गया जो एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हुआ और भाजपा विपक्ष की तमाम कोशिशों को धराशाई कर ऐतिहासिक जीत हासिल कर विपक्ष को जड़ से उखाड़ फेंक दिया. Narendra Modi birthday special latest news

2019 चुनावी प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi birthday special) के खिलाफ विपक्ष काफी ज्यादा

हमलावर नजर आया. जहां चौकीदार को चोर बताया गया वहीं राफेल मामले को लेकर बीजेपी हुकूमत पर सवाल खड़े किए गए. (Narendra Modi birthday special)

साथ ही साथ नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार बताया गया, लेकिन इन तमाम संकटों को

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi birthday special) ने एक अवसर बना लिया और एक ऐतिहासिक जीत हासिल कर हमलावर विपक्ष को खामोश कर दिया.

ऐतिहासिक जीत मिलने के बाद ऐसा भी कहा जाने लगा कि हिंदुस्तान अब चौकीदारमय हो गया है.
नमोमय हो गया है. 17 वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे खासतौर से विपक्ष को हजम नहीं हो रहा है.

इसे सुनामी कहा जा सकता है और सचमुच सुनामी ही था क्योंकि जो भव्य जीत मोदी के नाम पर बीजेपी को मिली थी. उससे हार भी अपमानजनक महसूस करने लगा था.

ट्रंप की दोस्ती और चीन की दुश्मनी Narendra Modi birthday special latest news

पूरा विश्व कोरोना महामारी से त्रास्त है. इस संकट की घड़ी में कई देशों में युद्ध जैसे हालात हैं. अमेरिका-चीन की दुश्मनी एक नए आयाम पर पहुंच चुकी है. फ्रांस और तुर्की के मतभेद अलग ही स्तर पर जा पहुंचे हैं. भारत-पाकिस्तान मामला अभी किसी अंजाम पर पहुंचा भी नहीं था कि चीन ने सीमा पर हमारे लिए एक नई चुनौती पैदा कर दी है.

हालांकि इन तमाम उठा-पठक में पावरहाउस अमेरिका से भारत की निकटता बढ़ी है. अब इसे मोदी लहर कहें या फिर अमेरिका का मौका परस्त होना लेकिन डोनाल्ड ट्रंप से मोदी की निकटता भारत के लिए फायदे का सौदा साबित हुई है.

यह भी पढे: मानसून सत्र के आगाज पर PM ने चीन को दिया कड़ा संदेश, देश वीर जवानों के साथ खड़ा है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाथ पकड़कर उनके ही देश में उन्हें घुमाने का काम सिर्फ मोदी जैसा वैश्विक नेता ही कर सकता है. मैडिसन स्कॉयर में लाखों की भीड़ के बाद अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप तक अमेरिकी राष्ट्रपति को खींच लाना मोदी  की बेमिसाल प्रतिभा का ही नतीजा रहा. (Narendra Modi birthday special)

आज चीन से भारत उसकी जुबान में बात कर रहा है तो इसका श्रेय पीएम मोदी की कुशल अगुवाई को दिया जा सकता है. भारतीय सेना ने चीन को विवादित सीमा क्षेत्र से खदेड़ने का वो दम दिखाया है जिसकी कुछ साल पहले तक हम सिर्फ योजना बनाते थे. बेशक विपक्ष कई मुद्दों को लेकर केंद्र की नीतियों पर सवाल खड़े कर रहा हो लेकिन उन सवाल में वह दम नहीं है जो मोदी की साख को हिला सके.

मोदी बनने की कहानी

इतिहास के पन्नों में झांककर देखें तो मोदी बनने की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में जन्म लेने के बाद उनके लिए हालात कभी माकूल नहीं थे. उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को दमोदरदास मूलचंद मोदी और हीराबेन मोदी के यहां हुआ था. जो बनिया समुदाय से ताल्लुक रखते थे.

उनकी संघर्ष की गाथा तब शुरू हुई, जब एक किशोर के रूप में वह अपने भाई के साथ वडनगर में एक रेलवे स्टेशन के पास चाय स्टॉल लगाया करते थे. उन्होंने वडनगर से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की और दिल्ली विश्वविद्याल से स्नातक करने के बाद गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर की डिग्री हासिल की.

नरेंद्र मोदी (Narendra Modi birthday special) ने अपने कॉलेज के दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के ‘प्रचारक’ (प्रमोटर) के रूप में काम किया. उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया और अगले दो वर्षों तक देश भर में यात्रा की.

यह भी पढे: नई शिक्षा नीति पर बोले PM मोदी, पढ़ने से ज्यादा सीखने पर दिया गया है महत्व

बाद के चरण में 1990 के दशक के दौरान जब मोदी ने नई दिल्ली में भाजपा के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में कार्य किया,
तो उन्होंने सार्वजनिक संबंधों और छवि प्रबंधन पर अमेरिका में तीन महीने का कोर्स पूरा किया.

हमेशा रणनीतिकार और पार्टी में संगठन का काम करने वाले नरेंद्र मोदी ने 2001 से पहले कोई चुनाव नहीं लड़ा था.
लेकिन कच्छ में भूकंप के बाद केशुभाई पटेल की सरकार के कामकाज पर सवाल खड़ा होने लगा था.
जिसके बाद मोदी को दिल्ली से गुजरात भेजा गया और उसको गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया.
लेकिन नियम के अनुसार उन्हें 6 महीने के अंदर विधानसभा चुनाव जीतना था. इसके लिए उन्होंने सबसे सुरक्षित सीट
राजकोट 2 से चुनाव लड़ने का फैसला किया जिसके लिए वहां के विधायक वजुभाई वाणा ने इस्तीफा दे दिया.

राजकोट उपचुनाव से मोदी के जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ. उनके सामने कांग्रेस ने दिग्गज नेता अश्विन मेहता को मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें कामयाबी हासिल नहीं हुई.
नरेंद्र मोदी के जीवन का यह पहला चुनाव था लेकिन यह चुनाव किसी चुनौती से कम नहीं था.
लेकिन उसके बाद मोदी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. एक, दो नहीं बल्कि चार बार वह गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हुए.

गुजरात से दिल्ली तक का सफर

2014 लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने पूरे देश में लगभग 437 चुनावी रैलियां की. (Narendra Modi birthday special)
इन रैलियों में नरेंद्र मोदी ने कई सारे मुद्दों को जनता के सामने रखा. लेकिन जनता सबसे ज्यादा विकास के नाम से प्रभावित होकर बीजेपी को वोट दिया.
यही कारण था कि बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के आधार पर 534 में से 282 सीटें अपने नाम कीं.

प्रधानमंत्री पद के लिए जीत हासिल करने के बाद 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और इस तरह से वे देश के 14वें प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए.
वह ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की आजादी के बाद पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री बने.

एक बार फिर मोदी सरकार Narendra Modi birthday special

2019 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी का परचम फिर लहराया.
मोदी लहर ने दूसरे दलों को बहुत पीछे छोड़ दिया. इस बार भी नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ 303 सीटें प्राप्त कर अभूतपूर्व जीत हासिल की. (Narendra Modi birthday special)
भारत के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी नेता ने लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ इतनी बड़ी जीत हासिल की हो. (Narendra Modi birthday special)

फिलहाल वह बतौर प्रधानमंत्री अपना दूसरे कार्यकाल का सफल निर्वाह कर रहे हैं. (Narendra Modi birthday special)
आज मोदी सबसे लंबे समय तक भारत के प्रधानमंत्री रहने वाले गैर कांग्रेसी पीएम हैं.
सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास यह वहीं नारा है जिसकी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चौतरफा गुणगान हो रहा है.
इस नए नारे की वजह से पूरे हिंदुस्तान के मुसलमानों में भी एक नया विश्वास देखने को मिल रहा है. (Narendra Modi birthday special)