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नरोत्तम मिश्रा का कांग्रेस पर हमला, देश को जातियों में बांटने का लगाया आरोप

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  • हाथरस गैंगरेप मामले को लेकर कांग्रेस पर लगाया आरोप
  • नरोत्तम मिश्रा ने कहा कांग्रेस का हाथ दंगाइयों के साथ
  • मिश्रा ने देश को जातियों में बांटने का भी लगाया आरोप

हाथरस गैंगरेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग की जा रही है. कांग्रेस हाथरस मामले को लेकर योगी और मोदी सरकार पर हमला बोल चुकी है.

इस बीच भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने हाथरस कांड को लेकर कांग्रेस पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगाया है.

इतना ही नहीं मिश्रा ने कांग्रेस पर देश को जातियों में बांटने का भी आरोप लगाया.

नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप

न्यूज एजेंसिया एनआई से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि “कांग्रेस का हाथ दंगाइयों के साथ.

इनको दलित की चिंता नहीं दल हित की चिंता है…जब भी किसी जाति की बात आती है तो आगे आ जाते है और हिंदुत्व की बात करे तो सांप्रदायिक-सांप्रदायिक चिल्लाने लगते हैं.

वो चाहते हैं जातियों में देश बंटे. हाथरस एक संयोग नहीं एक प्रयोग था.”

 

बनाई गई थी जस्टिस फॉर हाथरस नामक वेबसाइट

ED के अधिकारियों के मुताबिक हाथरस पुलिस ने ‘जस्टिस फॉर हाथरस’ नामक वेबसाइट को लेकर मामला दर्ज कर चुकी है. जांच एजेंसियां अब इस एंगल से मामले की जांच कर रही है.

इस पहले जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि कुछ लोग हाथरस के बहाने राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया था कि इस मंसूबे को अंजाम तक पहुंचाने के लिए रातों रात एक वेबसाइट बना ली गई थी. मामला सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई थी.

कल मथुरा से चार लोगों को गिरफ्तार किया था इनका संबंध पीएफआई से बताए जा रहे हैं.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार पर पहले से ही नागरिकता संशोधन कानून मामले को लेकर इस संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर चुकी है.

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गौरतलब है कि यूपी के हाथरस में बीते 14 सितंबर को एक दलित युवती का गैंगरेप हुआ था. जिसके बाद दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज के दौरान 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई.

मौत के बाद यूपी पुलिस ने युवती का अंतिम संस्कार आधी रात के बाद अनन-फानन कर दिया था. इस मामले को लेकर भी काफी विवाद हुआ था.

लेकिन योगी सरकार ने दावा किया कि उसे मजबूरी में ऐसा करना पड़ा था. अगर प्रशासन ऐसा नहीं करती तो सुबह हिंसा हो सकती थी.

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