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नवीन पटनायक ने विजय रूपाणी से की बात, गुजरात में फंसे मजदूरों को ओडिशा बुलाने का फैसला

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देश में जारी कोरोना संकट के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है. लॉकडाउन के कारण अलग-अलग राज्यों के मजदूर फंसे हुए हैं. ये प्रवासी मजदूर लगातार अपने गृह राज्य जाने की मांग भी कर रहे हैं. ऐसे में ओडिशा सरकार ने गुजरात में फंसे अपने राज्य के मजदूरों को बुलाने का फैसला किया है. इसके लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से बात की.

ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने गुजरात के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए चर्चा की. उसके बाद मजदूरों को बुलाने को लेकर ये अहम फैसला लिया गया. फंसे हुए मजदूरों को वापस बुलाने के लिए एक को-ऑर्डिनेशन कमिटी होगी, जिसमें ओडिशा और गुजरात से दो-दो सीनियर ऑफिसर को शामिल किया जाएगा.

कमिटी परिवहन की व्यवस्था के लिए बनाई जाएगी. ज्यादातर मजदूरों को बसों से वापस ओडिशा लाया जाएगा. वहीं, बाकी बचे मजदूरों को किस माध्यम से लाया जाएगा, इस पर फैसला समीक्षा के बाद दोनों राज्य की सरकारें लेंगी. ओडिशा सरकार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारों के साथ भी बातचीत कर रही है. इन राज्यों से सरकार अनुरोध करेगी कि गुजरात से प्रवासी मजदूरों को ओडिशा ले जाने वाली बसों को रोड टैक्स की छूट दी जाए.

इससे पहले ओडिशा सरकार ने राज्य के प्रवासी मजदूरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है, जिन्हें 14 दिन के लिए सरकार की ओर से क्वेरेंटीन में रखा जाएगा, जहां उनके लिए सारी सुविधाएं सरकार की तरफ दी जाएंगी.

गौरतलब है कि लॉकडाउन के बीच गुजरात के सूरत में लाखों की तादाद में फंसे मजदूरों को भी राहत मिली. बीते दिनों नवसारी से सांसद सीआर पाटिल के दफ्तर से एक मैसेज वायरल किया गया कि दूसरे राज्य के मजदूर/लोग अपने-अपने गांव जाना चाहते हैं वे वाहन की व्यवस्था कर अपने-अपने गांव जा सकते हैं. सूरत में लगातार प्रवासी मजदूर घर जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं.

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