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गुजरात के उपमुख्यमंत्री बोले- किसान आंदोलन में खालिस्तानी और आतंकवादी घुस आए हैं

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दिल्ली के सीमाओं पर किसान अपने आंदोलन के साथ बने हुए हैं. इस बीच गुजरात के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन पटेल (Nitin Patel) ने किसानों को लेकर एक विवादित बयान दिया है. नितिन पटेल (Nitin Patel) ने कहा है कि किसान आंदोलन में खालिस्तानी और आतंकवादी घुस आए हैं. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की साजिश है.

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल (Nitin Patel) ने गुरुवार को दावा किया कि बहुत कम किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं और आंदोलन में ‘‘देशद्रोही घुसे हुए हैं.

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क्या बोले नितिन पटेल

आंदोलनकारियों के खिलाफ सत्तारूढ़ भाजपा के अभियान के तहत पंचमहल जिले के मोरवा हदफ में आयोजित कार्यक्रम में पटेल (Nitin Patel) ने कहा, दिल्ली को छोड़कर, देश में कहीं भी विरोध प्रदर्शन नहीं हुए हैं. कोई भी गुजरात में आंदोलन नहीं कर रहा है. 130 करोड़ की आबादी में से कुछ 50,000 लोग चाहते हैं कि सरकार संसद द्वारा पारित कानूनों को रद्द कर दें.

नितिन पटेल (Nitin Patel) ने कहा, “ऐसे साम्यवादी, खालिस्तानी जो पूरे पंजाब को भारत से अलग करने का आंदोलन कर रहे हैं, जैसे जम्मू-कशमीर में आंतकवादी कर रहे हैं, वैसे लोग इस आंदोलन में इकट्ठा हुए हैं.”

अपनी बात जारी रखते हुए नितिन पटेल ने आगे कहा,

इस में कैंसर वाला भी आया है और किडनी की बीमारी वाला भी आया है. दोनों ही देश विरोधी हैं. एक को पंजाब को अलग करना है और एक को कश्मीर को पाकिस्तान से जोड़ना है. ये दोनों ही प्रकार के लोग यहां इकट्ठे हुए हैं. यहां नक्सलवादी, आतंकवादी, माओवादी और खालिस्तान घुस आए हैं, हमें पता ही नहीं चलता कि वे किसान नहीं हैं.”

एक प्रतिशत भी कानूनों के खिलाफ नहीं

पटेल (Nitin Patel) ने कहा कि किसानों का एक प्रतिशत भी इन कानूनों के खिलाफ नहीं है. कांग्रेस लोगों को उकसाने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन उन्हें कोई समर्थन नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा, कुछ तत्व इस आंदोलन के पीछे हैं, जो किसान नहीं हैं. यह प्रदर्शन वास्तव में एक साजिश है. ये तत्व प्रधानमंत्री मोदी की छवि को खराब करना चाहते हैं और भारत की एक विकृत तस्वीर दुनिया के सामने पेश करना चाहते हैं.

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