Gujarat Exclusive > गुजरात > 72 सफाईकर्मियों की बर्खास्तगी को लेकर अमरेली कलेक्टर और बगसरा सीओ को नोटिस

72 सफाईकर्मियों की बर्खास्तगी को लेकर अमरेली कलेक्टर और बगसरा सीओ को नोटिस

0
459

अहमदाबाद: कोरोना महामारी में सेवारत डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल कर्मचारियों सहित सफाई कर्मचारियों को कोरोना वारियर्स के रूप में सम्मानित किया जा रहा है.

ऐसे में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई गई है कि अमरेली जिले के बगसरा नगर पालिका के 72 सफाईकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है.

आयोग ने अमरेली जिला कलेक्टर और बागसरा नगरपालिका के मुख्य अधिकारी को नोटिस जारी किया है और 30 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता कांतिभाई परमार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में दर्ज शिकायत में कहा कि अमरेली जिले के बगसरा नगर पालिका में काम करने वाले 72 अनुसूचित जाति के सफाईकर्मियों को 31 मार्च को बिना कोई नोटिस दिए बर्खास्त कर दिया.

जिसकी वजह से उनके परिवार के सामने आजीविका के लिए सवाल खड़ा हो गया है. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके जीवन के अधिकार का उल्लंघन किया गया है.

इतना ही नहीं बगसरा नगरपालिका ने मानवाधिकारों का भी उल्लंघन किया है.

यह भी पढ़ें: अहमदाबाद में महिला के घर घुसकर डॉक्टर ने की इज्जत लूटने की कोशिश

नहीं दिया गया तालाबंदी के दौरान का वेतन 

इन दिनों वैश्विक महामारी कोविड-19 के खिलाफ एक एकजुट होकर लड़ रहे हैं. कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम करने वाले सफाईकर्मियों को सम्मानित किया जा रहा है.

ऐसे में अमरेली जिला के बगसरा नगरपालिका ने अनुसूचित जाति के लोगों को बिना नोटिस दिए नौकरी से निकाल दिया है जिसकी वजह से इन लोगों के सामने आजीविका को लेकर सवाल खड़ा हो गया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मजदूरों को 29 मार्च से लॉकडाउन के दौरान 54 दिनों का पूरा वेतन देने का आदेश दिया है. ऐसे वक्त में पूरा वेतन क्या सफाईकर्मियों को निकाल दिया है.

शिकायत में मांग की गई है कि मामले के जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच समिति नियुक्त की जाए.

जारी किया नोटिस 

इस शिकायत के मद्देनजर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने अमरेली जिला कलेक्टर और बगसरा नगर पालिका के मुख्य अधिकारी को नोटिस जारी किया है और उन्हें 30 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया.

यदि ऐसा नहीं किया गया तो समन जारी किया जाएगा.

क्या है मांग?

72 कर्मचारियों को उनके मूल स्थान पर फिर से नियोजित किया जाए
लॉकडाउन से लेकर अभी तक के वेतन का भुगतान फौरन किया जाए

गुजराती में ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

तीन बार के प्लाज्मा दाता फैजल ने CM फंड में किया 2.21 लाख का दान