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अटल जयंती के बहाने किसानों को साधने की कोशिश, पीएम मोदी ने विपक्ष पर फिर साधा निशाना

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नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 96वीं जयंती पर आयोजित किसान संवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18,000 करोड़ रुपये का किसान सम्मान निधि ट्रांसफर किया. PM Modi Kisan Samvad

इस दौरान पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों के लेकर विपक्ष के साथ ममता सरकार पर जमकर हमला बोला. पीएम मोदी ने इस दौरान कई किसानों से बातचीत कर उनकी परेशानी को समझाने की कोशिश भी की.

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए बनाए गए नए कृषि कानून को लेकर विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया. PM Modi Kisan Samvad

किसानों में भ्रम फैला रही विपक्ष PM Modi Kisan Samvad

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज नए कृषि सुधारों के बारे में कई झूठ बोले जा रहे हैं. कुछ लोग किसानों में भ्रम पैदा कर रहे हैं कि एमएसपी को खत्म किया जा रहा है.

कितने लोग अफवाह फैला रहे हैं कि मोदी सरकार एपीएमसी बंद करने की तैयारी कर रही है. लेकिन मैं आज आपको सामने यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि, इस कानून के लागू होने के कई महीने बाद, क्या आपने एपीएमसी को बंद करने के बारे में सुना है?

किसानों को नए कानून से मिलेगा बेहतर विकल्प पीएम मोदी PM Modi Kisan Samvad

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “इस कृषि सुधार के माध्यम से, हमने किसानों को कई बेहतर विकल्प दिया है. इस कानून को लागू करने के बाद आप अपनी फसल को कहीं भी बेच सकते हैं.

आप अपनी फसल को उस जगह बेच सकते हैं जहाँ आपको सही दाम मिल रहा है. अगर आप चाहे तो अपनी फसल को एमएसपी पर भी बेच सकते हैं. आप चाहे तो अपनी फसल को दूसरे राज्यों में भी बेच सकते हैं.

आप बिस्कुट, चिप्स, जाम जैसे अन्य उपभोक्ता निर्माताओं के मूल्य श्रृंखला का भी हिस्सा हो सकते हैं.

पिछली सरकार की नीतियों की वजह से देश के किसानों की ऐसी हालत

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग किसानों को आगे कर सियासी रोटी सेंकना चाहते हैं. उनको सच्चाई को सुनना ही होगा. PM Modi Kisan Samvad

ये लोग मीडिया में जगह बनाकर राजनीतिक क्षेत्र में खुद को बनाए रखने के लिए एक जड़ी-बूटी की तलाश कर रहे हैं. ये वही लोग हैं जो सालों से सत्ता में थे.

उनकी नीतियों के कारण, देश का कृषि क्षेत्र और किसान विकसित नहीं हो सके. पिछली सरकारों की नीतियों के कारण देश के छोटे किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है.

मतदाताओं द्वारा अस्वीकार किए गए लोग अब अभियान के लिए इवेंट मैनेजमेंट कर रहे हैं. लोगों को अब गुमराह नहीं किया जा सकता. स्वार्थ की राजनीति करने वाले लोगों को जनता करीब से देख रही है.

जिस पार्टी के लोग पश्चिम बंगाल सरकार के द्वारा किसानों के शोषण के खिलाफ आवाज नहीं उठा रही है उसी पार्टी के लोग दिल्ली के लोग और किसानों को परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं.

विपक्षी दल इन दिनों एपीएमसी को बहुत याद करते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि केरल में एपीएमसी तो है ही नहीं. तो फिर यह लोग केरल में आंदोलन क्यों नहीं करते.  PM Modi Kisan Samvad

गौरतलब है कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन 30 वें दिन भी जारी है.

राजधानी दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. केंद्र सरकार किसानों के साथ बैठक कर कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है.

लेकिन न तो सरकार कानून वापस लेने को तैयार है और न ही किसान पीछे हटने को तैयार. PM Modi Kisan Samvad

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