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कोरोना वायरस का राजनीतिकरण, जदयू में अलग-थलग पड़े प्रशांत किशोर

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कोरोना वायरस की वजह से चीन में सैकड़ो लोगों की जान जा चुकी है. और हजार लोगों इस वायरस से संक्रमित बताये जा रहे हैं. ऐसे में भारत सरकार भी इस वायरस से निपटने के लिए मुस्तैद नजर आ रही है. लेकिन अब इस वायरस का राजनीतिकरण भी होता दिखाई दे रहा है. नागरिकता कानून, एनआरसी और एनपीआर पर मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले जदयू नेता प्रशांत किशोर को लेकर जदयू नेता अजय आलोक ने कहा कि ‘कोरोना वायरस’ के तरह हैं ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए.

जदयू के उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने बड़ा बयान देते हुए कहा था कि उन्हे अमित शाह के कहने पर पार्टी में शामिल किया था. इस बयान के बाद वह अपनी ही पार्टी में अब धीरे-धीरे अलग-थलग पड़ते दिखाई दे रहे हैं.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जदयू नेता अजय आलोक ने प्रशांत किशोर को लेकर कहा ‘यह आदमी भरोसे लायक नहीं है. वे मोदी जी और नीतीश जी का भरोसा नहीं जीत सकते. वह आम आदमी पार्टी के लिए काम करते हैं, राहुल गांधी से बात करते हैं और ममता दीदी के साथ बैठते हैं. कौन उन पर भरोसा करेगा? हम खुश हैं कि यह कोरोना वायरस हमें छोड़कर जा रहा है.

 

गौरतलब हो कि प्रशांत किशोर पिछले काफी दिनों से संशोधित नागरिकता कानून को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं. प्रशांत ने पार्टी के रुख पर भी सवाल खड़ा किया था. इतना ही नहीं इस कानून को लेकर कांग्रेस के खामोस रवैया पर भी सवाल खड़ा किया था.