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राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया हेल्थ वर्कर्स के अपमान का आरोप

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  • देश में बढ़ते कोरोना आतंक के बीच केंद्र पर राहुल गांधी हमलावर
  • हेल्थ वर्कर्स के अपमान का राहुल ने मोदी सरकार पर लगाया आरोप
  • कहा- थाली बजाने, दिया जलाने से ज्यादा जरूरी हैं उनकी सुरक्षा और सम्मान

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी देश में बढ़ते कोरोना आंतक को लेकर बीते कुछ दिनों से केन्द्र की मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं.

लेकिन आज उन्होंने मोदी सरकार पर हेल्थ वर्कर्स के अपमान का आरोप लगाया.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा थाली बजाने, दिया जलाने से ज्यादा जरूरी हैं उनकी सुरक्षा और सम्मान.

केंद्र के पास नहीं है ब्योरा मौजूद

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ट्वीट के साथ एक मीडिया रिपोर्ट भी साझा किया है जिसमें दावा किया गया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के पास कोरोना से संक्रमित होकर जान गंवाने वाले स्वास्थ्यकर्मी जैसे डॉक्टर, नर्स और आशा वर्कर आदि का ब्योरा मौजूद नहीं है.

राज्यसभा में अपने लिखित बयान में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि यह राज्य का विषय है.

इसलिए केंद्रीय स्तर पर स्वास्थ्य मंत्रालय इसका ब्योरा नहीं रखता.

यह भी पढ़ें: प्रवासी मजदूरों की मौत पर राहुल गांधी का तंज, उनका मरना देखा जमाने ने, तुमने ना गिना तो क्या मौत ना हुई?

 

मीडिया रिपोर्ट साझा कर बोला हमला

इस मामले को लेकर ट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है और स्वास्थ्यकर्मियों के अपमान का आरोप लगाया है.

उन्होंने ट्वीट कर लिखा “प्रतिकूल डाटा-मुक्त मोदी सरकार! थाली बजाने, दिया जलाने से ज़्यादा ज़रूरी हैं उनकी सुरक्षा और सम्मान. मोदी सरकार, कोरोना वॉरीअर का इतना अपमान क्यों?”

इससे पहले राहुल गांधी केंद्र पर कस चुके हैं तंज

संसद के मानसून सत्र की कार्रवायी के पहले दिन विपक्ष ने मोदी सरकार से सवाल किया कि तालाबंदी के दौरान कितने प्रवासी मजदूरों की मौत हुई.

इसके जवाब में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कहा कि हमारे पास इसका को डाटा मौजूद नहीं है. इस मामले को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है.

राहुल ने ट्वीट कर लिखा “मोदी सरकार नहीं जानती कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मज़दूर मरे और कितनी नौकरियाँ गयीं.

तुमने ना गिना तो क्या मौत ना हुई? हाँ मगर दुख है सरकार पे असर ना हुई, उनका मरना देखा ज़माने ने, एक मोदी सरकार है जिसे ख़बर ना हुई.”

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