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GST टैक्स की व्यवस्था नहीं बल्कि हिंदुस्तान के गरीबों पर आक्रमण है: राहुल गांधी

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  • राहुल गांधी ने एक बार फिर से केंद्र सरकार पर बोला हमला
  • GST को गब्बर सिंह टैक्स बताते हुए कहा इससे आर्थिक सर्वनाश हुआ
  • एनडीए ने यूपीए के जीएसटी के मायने को बदल दिया है

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सकल घरेलू उत्पाद में होने वाली गिरावट को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है.

उन्होंने आज एक बार फिर से GST को गब्बर सिंह टैक्स बताते हुए कहा कि इसकी वजह से ही देश का आर्थिक सर्वनाश हुआ है.

“राहुल गांधी GST की बात” नामक वीडियो में मोदी सरकार पर जीएसटी को लागू करना गरीब, छोटे दुकानदार, स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस वाले, किसान और मजदूरों पर आक्रमण बताया.

वीडियो सीरिज जारी कर राहुल ने बोला हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोरोना संकटकाल में अपने सबसे बुरे दौर से गुजरने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अपना तीसरा वीडियो जारी किया है.

2 मिनट 26 सेकेंड के अपने इस वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि जीएसटी गरीबों पर आक्रमण है.

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जीएसटी को साजिश के तहत चार स्लैब में रखा गया है कि ताकि छोटे दुकानदार, स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस से जुड़े लोग, किसान और मजदूरों पर आक्रमण किया जाए.

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इसके जरिए बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है.

 

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जीएसटी लागू करने असंगठिक अर्थव्यवस्था पर हमला

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने “राहुल गांधी GST की बात” नामक वीडियो में उन्होंने कहा, “असंगठित अर्थ व्यवस्था पर सबसे बड़ा आक्रमण है जीएसटी. यह यूपीए का आइडिया था.

एक टैक्स, कम से कम टैक्स, साधारण और सरल टैक्स. लेकिन NDA ने जीएसटी के मायने को बिल्कुल बदल दिया. चार अलग-अलग टैक्स 28% तक टैक्स और बड़ा कॉम्प्लिकेटेड समझने को बहुत मुश्किल लगता है.

जो स्मॉल एंड मीडियम बिजनेसेस हैं वह इस टैक्स को भर ही नहीं सकते, पर जो बड़ी कंपनियां है वो इसको आसानी से भर सकती हैं.

राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा, “यह चार अलग-अलग रेट क्यों है? यह चार अलग-अलग रेट इसलिए है क्योंकि सरकार चाहती है कि जिसकी पहुंच हो.

जीएसटी को आसानी से बदल पाए और जिसकी पहुंच न हो वो जीएसटी के बारे में कुछ न कर पाए. पहुंच किसकी है हिंदुस्तान के सबसे बड़े 15-20 उद्योगपतियों की पहुंच है.

वह जीएसटी के कानून को बदल सकते हैं. सरकार राज्य को जीएसटी का पैसा नहीं दे पा रही है. प्रदेश अपने कर्मचारियों को तन्खवाह नहीं दे पा रही है.

जीएसटी टैक्स की व्यवस्था नहीं है बल्कि हिंदुस्तान के गरीबों पर आक्रमण है.

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