Gujarat Exclusive > राजनीति > किसान आंदोलन: राष्ट्रपति से मिले राहुल गांधी, कहा- कृषि कानून को वापस लेना ही होगा

किसान आंदोलन: राष्ट्रपति से मिले राहुल गांधी, कहा- कृषि कानून को वापस लेना ही होगा

0
284

नए कृषि कानून का विरोध करने वाले किसानों के समर्थन में आज कांग्रेस ने सड़क पर उतरने का फैसला किया है. Rahul Gandhi met President

कांग्रेस ने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कृषि कानूनों के खिलाफ विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने का फैसला किया है. लेकिन पुलिस ने कांग्रेस के इस मार्च को अनुमति नहीं दी है.

पुलिस ने सिर्फ उन लोगों को राष्ट्रपति से मिलने की इजाजत दी जिनके पास राष्ट्रपति से मिलने का पास था.

राष्ट्रपति से मिले राहुल गांधी  Rahul Gandhi met President

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर दो करोड़ किसानों के हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपते हुए इस कानून को रद्द करने की एक बार फिर से मांग की. Rahul Gandhi met President

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला.

उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रपति से मिलने के बाद इन कानूनों से किसानों को कैसे नुकसान होने वाला है इसे बताते हुए कानून को रद्द करने की मांग की.

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि देश को दिख रहा है कि कृषि कानून किसानों के खिलाफ है.

मोदी सरकार के खिलाफ बोलने वालों को बता दिया जाता है आतंकवादी

मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता आंदोलन जारी रहेगा. Rahul Gandhi met President

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल ने कहा कि मैं एडवांस में चीज बोल देता हूं, मैंने कोरोना के बारे में बोला था कि नुकसान होने जा रहा है. उस समय किसी ने बात नहीं सुनी.

आज मैं फिर से बोल रहा हूं किसान, मज़दूर के सामने कोई भी शक्ति खड़ी नहीं हो सकती.

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ जो भी आवाज उठाता है उसे आंतकवादी बता दिया जाता है. अगर मोदी सरकार के खिलाफ संघ प्रमुख मोहन भागवत भी बोलना शुरू कर दें तो उनको भी सरकार इसी श्रेणी में खड़ा कर देगी. Rahul Gandhi met President

गौरतलब है कि विपक्ष लगातार नए कानून को रद्द करने की मांग कर रही है. लेकिन मोदी सरकार का कहना है कि विपक्ष कानून को लेकर किसानों को गुमराह कर रही है. Rahul Gandhi met President

ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिन कानून को जिसके लिए बनाया गया है अगर वहीं विरोध कर रहा है तो फिर सरकार जबरदस्ती क्यों इस कानून को किसानों के सर थोपना चाहती है.

गुजराती में ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

किसान आंदोलन: कांग्रेस को नहीं मिली मार्च की अनुमति, हिरासत में प्रियंका गांधी