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11 साल पुराने केस में राजकोट की अदालत ने 10 कांग्रेसी नेताओं को सुनाई सजा

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राजकोट शहर में कलेक्टर कार्यालय में तोड़फोड़ के 11 साल पुराने मामले में स्थानिक अदालत ने आज पूर्व विधायक इंद्रनील राज्यगुरु, देवजी फतेपरा, गोविंद राणपरिया, अशोक डांगर, मोहम्मद जावेद पीरजादा सहित 10 कांग्रेसी नेताओं को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा और हजार का जुर्माना फटकारा है. फैसले के वक्त कांग्रेसी विधायक जावेदा पीरजादा के साथ तीन आरोपी मौजूद नहीं थे इन तमाम लोगों को दो दिनों में हाजिर होने का निर्देश दिया है.

साल 2008 में कांग्रेस के तत्कालीन विधायक कुंवरजी बावणिया को भूमि घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था, इसी दौरान कांग्रेसी नेता कलेक्टर कार्यालय में आवेदन पत्र देने गए थे,और मामला खराब होने के बाद कार्यालम में तोड़ फोड़ किया गया था. इस मामले में 179 कांग्रेसी नेताओं के साथ 1500 लोगों की भीड़ के खिलाफ आईपीसी अधिनियम 143, 147, 149, 186,188 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान करने की धारा 3-7 के तहत अपराध दर्ज किया गया था.

राजकोट की अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही थी आज कोर्ट ने 12 राजनीतिक नेताओं को दोषी ठहराया, देवजीभाई फतेपरा, जशवंत सिंह भट्टी, इंद्रनील राज्यगुरु, महेश राजपूत, अशोक डांगर, गोविंदभाई राणपरिया, भीखूभाई वरोतरीया, मोहम्मद जावेद पीरजादा, गोरधनभाई धामेलिया शामिल हैं. विधायक मोहम्मद जावेद पीरजादा फैसले के वक्त मौजूद नहीं थे इसलिए अदालत ने उन्हें शाम तक पेश होने का आदेश दिया, आरोप पत्र में दिवंगत सांसद विठ्ठलभाई रादडिया और पोपटभाई झिंजारिया के नाम भी शामिल हैं. अदालत ने इन सभी नेताओं को एक साल की कारावास और 5-5 हजार के जुर्माने की सजा सुनाया है