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एक और दिन, एक और क़ुर्बानी!, मोदी सरकार को कितनी कुर्बानी चाहिए: रणदीप सुरजेवाला

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नए कृषि कानूनों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान और सरकार बीच रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही. राजधानी दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे किसान पिछले 34 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं.

आंदोलनकारी किसानों की सिर्फ एक ही मांग है कि कानून को रद्द किया जाए. मोदी सरकार ने एक बार किसान संगठनों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है. Randeep Surjewala Farmer Movement

इस बीच कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया है कि आंदोलन कर रहे एक और किसान अपनी जान दे दी है.

सुरजेवाला ने ट्वीट कर बोला हमला  Randeep Surjewala Farmer Movement

सुरजेवाला ने एक मीडिया रिपोर्ट को साझा करते हुए ट्वीट किया और लिखा “एक और दिन, एक और क़ुर्बानी! अब किसान सुखदेव देव सिंह ने अपनी जान दे दी. मोदी सरकार को कितनी और क़ुर्बानी चाहिएँ?

कब जागेंगे पी.एम मोदी, कब पसीजेगा दिल? कब तीन काले क़ानून वापस होंगे? आख़िर कब…… #किसान_आंदोलन.”

किसान नेता राकेश टिकैत का बड़ा ऐलान Randeep Surjewala Farmer Movement

किसान नेता राकेश टिकैत ने आज बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हमारे आंदोलन को 34 दिन हो चुके हैं. हम इस आंदोलन को जारी रखेंगे जबतक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती.

उन्होंने कहा कि सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है हम भी चाहते हैं कि कोई समाधान निकले और इसी उम्मीद को लेकर हम जाएंगे. Randeep Surjewala Farmer Movement

उन्होंने कहा कि 22 दिनों के बाद किसान और सरकार के बीच बात वहीं से जारी होगी जहां पर पिछली बातचीत में रुक गई थी. हम कानून जब तक वापस नहीं लिया जाएगा अपनी मांग को लेकर डटे रहेंगे.

किसानों का आंदोलन 34 वें दिन में प्रवेश कर चुका है. माना जा रहा था कि वक्त के साथ आंदोलन का असर भी धीरे-धीरे कम हो जाएगा लेकिन आंदोलन अपनी ऊंचाइयों की ओर बढ़ता ही जा रहा है.

किसान संगठन के लोग आंदोलन को लेकर रणनीति के तहत काम कर रहे हैं. केंद्र सरकार कानून रद्द नहीं करने का मन बना चुकी है. वहीं किसान कानून को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं.

किसान परिवार सहित दिल्ली पहुंच रहे हैं और ट्रैक्टर की ट्रालियों को ही अपना स्थाई आशियाना बना लिया है. ऐसे में कल होने वाली बातचीत में कोई समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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