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RBI के डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन ने दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य कारणों से छोड़ा पद

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. विश्वनाथन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए रिटायरमेंट से तीन महीने पहले अपना पद छोड़ दिया. केंद्रीय बैंक में उनकी करीब 40 साल की सेवा 31 मार्च को समाप्त हो रही है. पिछले 15 महीनों में यह तीसरा मौका है जब आरबीआई के किसी गवर्नर या डिप्टी गवर्नर ने अपना पद छोड़ा है. एनएस विश्वनाथन से पहले गवर्नर उर्जित पटेल ने दिसंबर 2018 और डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने जून 2019 में RBI में अपना पद छोड़ दिया था.

डिप्टी गवर्नर के करीबी सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों ने उन्हें तनाव से संबंधित बीमारी का सामना करने के बाद आराम करने की सलाह दी है जिसकी वजह से विश्वनाथन ने अपना पद छोड़ा है. उन्हें जून 2016 में एचआर खान की जगह डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था. उन्हें पिछले साल जून में एक और साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया था.

एनएस विश्वनाथन आरबीआई के कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं. हालांकि आरबीआई ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है की एन एस विश्वनाथन ने ऐसा कोई फैसला लिया है. यानी कि अभी भी आधिकारिक तौर पर एनएस विश्वनाथन अपने पद पर कार्यरत हैं. डिप्टी गवर्नर के तौर पर एनएस विश्वनाथन को बैंकिंग रेगुलेशन, कॉपरेटिव बैंकिंग, नॉन बैंकिंग रेगुलेशन, डिपॉजिट इंश्योरेंस, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी दी गई थी. एन एस विश्वनाथन के ही निर्देश पर आरबीआई, एनबीएफसी को बेल आउट देने के विरोध में अपने कदम पर कायम रही.

मालूम हो कि आरबीआई में चार डिप्टी गवर्नर होते हैं जिसमें से दो आरबीआई में रैंक के अनुसार चुने जाते हैं. इसमें कमर्शियल बैंक और एक अर्थशास्त्री चुने जाते हैं जिन्हें मिलकर मॉनिटरी पॉलिसी डिपार्टमेंट बनाया जाता है.

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