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रूपाणी सरकार ने होटल फन को बनाया कोविड केंद्र, स्थानिक लोगों ने लगाया बड़ा आरोप

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अनिल पुष्पांगदन, अहमदाबाद: राज्य में कोरोना महामारी के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं. गुजरात में कोरोना पॉजिटिव के 2272 मामले सामने आए हैं और 95 लोगों की मौत हुई है. ऐसे में अहमदाबाद म्युनिसिपल कार्पोरेशन द्वारा एसजी-हाईवे पर मौजूद होटल फन को भुगतान आधारित कोविद -19 देखभाल केंद्र में बदलने से स्थानिक लोगों ने विरोध किया. होटल के बाहर स्थानिक लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग पालन कर कार्पोरेशन के इस फैसला का विरोध कर गुजरात सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाया.

अहमदाबाद शहर में कोरोना पॉजिटिव मामले 1434 तक पहुंच गया है, जबकि 57 लोग मारे गए हैं. अहमदाबाद की सिविल अस्पताल के अलावा, SVP अस्पताल में भी कोविड केंद्र भी स्थापित किया गया है. लेकिन जिस तरीके से अहमदाबाद में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं उसे देखकर AMC ने एसजी हाइवे पर सोला ब्रिज के नीचे होटल फन को पेमेंट बेस कोविड सेंटर स्थापित किया है. जिसकी वजह से आसपास के आवासीय इलाके में रहने वाले लोगों ने निगम के फैसले के विरोध किया है जिसमें प्राची अपार्टमेंट्स, कालिंदी बंगलों, रघुकुल और नीलकंठ सोसायटी के निवासियों ने विरोध किया.

सोसायटी में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि होटल मालिकों ने व्यापार करने के लिए सिस्टम के साथ मिलीभगत की है. इस मामले को लेकर स्थानिक विधायक भूपेंद्र पटेल से भी संपर्क कर देने का प्लान बना रहे हैं. इतना ही नहीं स्थानिक लोगों ने कार्पोरेशन को मैल कर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है.

गौरतलब हो कि राज्य सरकार ने न्यूज पेपरों में बड़ा विज्ञापन देकर घोषणाएं की हैं कि कोरोना वायरस का इलाज मुफ्त में किया जाएगा, जबकि कोविड देखभाल केंद्र बनाकर इसका खर्च आम आदमियों के सिर पर डालने का प्लान बनाया जा रहा है. रूपानी सरकार ने अब तक राज्य के तीन निजी अस्पतालों को कोरोना के इलाज की अनुमति दी है. भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना के इलाज के लिए स्टर्लिंग अस्पताल में 8.5 लाख रुपये की राशि जमा करवानी पड़ती है. लेकिन फाइनल बिल इलाज के बाद ही तय किया जाता है. एचसीजी में उपचार के लिए आपको 5-7 लाख रुपये खर्च करने होंगे. इसके अलावा, नारायणी मल्टी-स्पेशिएलिटी अस्पताल में रोगियों को स्वयं इसका खर्च वहन करना होगा.

ऐसे में अब सरकार द्वारा भुगतान आधारित कोरोना केयर सेंटर शुरू कर रही है. जिसके बाद आम आदमी राज्य सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि राज्य सरकार और व्यवसायी मिलकर जनता को लूटने का काम कर रहे हैं.

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