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सोनू सूद की नेकदिली पर शिवसेना का तंज- ‘लॉकडाउन में एक महात्मा तैयार हो गया’

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बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बने हुए हैं. कोरोना महामारी के बीच सोनू प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने में मदद करने में दिलों जान से लगे हुए हैं लेकिन लगता है कि शिवसेना को यह रास नहीं आ रही है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र सामना में सोनू सूद के मदद कार्य को लेकर सवाल उठाए हैं.

सोनू के कार्य को लेकर संजय राउत ने बीजेपी पर निशाना साधा है. संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में सोनू सूद के मदद कार्य पर सवाल उठाया है. संजय राऊत ने रोखटोक कालम में लिखा है कि लॉकडाउन के दौरान अचानक सोनू सूद नाम का एक महात्मा तैयार हो गया है. इतने झटके और चतुराई के साथ किसी को महात्मा बनाया जा सकता है?

वहीं बीजेपी नेता राम कदम ने संजय राउत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. कदम ने अपने ट्वीट में लिखा- “कोरोना के संकट काल में इंसानियत के नाते मजदूरों को सड़क पर उतर के सहायता करने वाले सोनू सूद पर संजय राउत का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. खुद की सरकार कोरोना से निपटने में नाकाम हो गई? यह सच्चाई सोनू सूद पर आरोप लगाकर छुप नहीं सकती. जिस काम की सराहना करने की आवश्यकता है उस पर भी आरोप?”

मालूम हो कि सोनू सूद ने बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों के मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का बेड़ा उठाया है. खबरों के मुताबिक उनकी टीम अब तक 16-17,000 प्रवासी मजूदरों को उनके घर पहुंचा चुकी है. उनका लक्ष्य 40-50 हजार श्रमिकों या उससे भी ज्यादा को घर पहुंचाना है. इस दौरान उनकी जमकर सराहना हो रही है. यहां तक कि बिहार के सिवान जिले में उनकी प्रतिमा बनाने की बात सामने आ रही है.

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