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मध्य प्रदेश ने छोड़ा 5 लाख क्यूसेक पानी, गुजरात में खोले गए सरदार सरोवर डैम के 23 गेट

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Sardar Sarovar Dam News: मध्य प्रदेश के ओमकारेश्वर डैम से 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार को गुजरात के सरदार सरोवर डैम के 23 गेट खोल दिए गए. इससे पहले पानी का स्तर बढ़ने के कारण शुक्रवार को सरदार सरोवर डैम के 10 गेट खोले गए थे.

ये गेट 3.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए खोले गए थे. अब तक, डैम का जल स्तर 131.25 मीटर के आसपास है, जबकि डैम की ऊंचाई 138.63 मीटर है.

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जल स्तर में वृद्धि के कारण बिजली का भी उत्पादन बढ़ा है. प्रोटोकॉल के अनुसार बांध के जलाशय के 133 मीटर तक पहुंचने के बाद पानी के उपयोग के लिए रिवरबेड पावरहाउस (RBPH) का संचालन किया जाना है. यह पानी के प्रवाह को संतुलित करने में भी मदद करता है क्योंकि बांध पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) के बेहद करीब है.

बढ़ गया है नर्मदा का जल स्तर

40,136 क्यूसेक पानी के जुड़ने से नर्मदा नदी का जल संग्रह बढ़ गया है. गेटों के निर्माण के बाद सरदार सरोवर बांध 138.68 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया है.

वर्तमान में यह 131.01 मीटर तक भर गया है. फिलहाल बांध में 85,390 क्यूसेक पानी का प्रवाह है.

क्यों भर रहा है सरदार सरोवर डैम

मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश होने से सरदार सरोवर बांध भर गया है. वर्तमान में, बांध में 2,200 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी और 6,000 क्यूसेक पानी गुजरात में नहरों में छोड़ा गया है. इसका मतलब यह है कि बांध में राज्य की सिंचाई और पीने की दोनों जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी होगा.

यह लगातार दूसरा वर्ष है जब 2017 में 30 गेटों की स्थापना पर काम पूरा होने से पहले जलसंभर 121.92 मीटर के पिछले ओवरफ्लो स्तर पर पहुंच गया है.

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गेटों की स्थापना से बांध की ऊंचाई 138.63 मीटर हो गई. पिछले साल नर्मदा बांध विस्तारित बारिश के कारण सितंबर में 138.63 मीटर की पूर्ण क्षमता तक पहुंच गया था. हालांकि अभी सितंबर की बारिश बाकी ही है.

अभी और होगी बारिश

गुजरात और मध्य प्रदेश में और बारिश होने की उम्मीद है. इस वजह से सुरक्षा उपाय के रूप में बांध से पानी छोड़ा जा रहा है. मौसम विभाग ने अगले 48 वर्षों में गुजरात में भारी वर्षा का पूर्वानुमान लगाया है. इसकी वजह से जलाशय में का बहाव तेज होगा.

नर्मदा, वडोदरा और भरूच जिलों में नर्मदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही, उन्हें नदी में उद्यम न करने के लिए कहा गया है.

बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा

राज्य के हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. अब तक राज्य में बारिश और बाढ़ के चलते 42 लोगों की जान जा चुकी है. ये मौते बारिश में डूबने और घर गिरने जैसी घटनाओं के चलते हुई.

हालांकि अब बताया जा रहा है कि दिन में बारिश में कमी आई. मालूम हो कि गुजरात में अब तक वार्षिक औसत की 100 प्रतिशत से ज्यादा बारिश हो चुकी है.

जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण राज्य के 205 बांधों में से 90 पूरी तरह से भर चुके हैं जबकि 70 बांध 70 प्रतिशत तक भर गए हैं. वहीं प्रदश के 138 बांधों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है.

देश के कई राज्यों में बारिश की वजह से बाढ जैसे हालात हैं. बिहार में भी बारिश और बाढ़ का प्रकोप जारी है. आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि बिहार में 16 जिलों में 83.62 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

वहीं उत्तर प्रदेश के 16 जिलों के एक हजार से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. सरकार का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कहीं भी चिंताजनक हालात नहीं हैं.

राजस्थान में कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश दर्ज की जा रही है. राजस्थान के बारां और झालावाड़ जिलों में पार्वती तथा कालीसिंध नदियों में जलस्तर बढ़ गया है.

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