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कोरोना की चपेट में सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के 16 कर्मचारी, लिया महत्वपूर्ण निर्णय

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  • सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी में अब केवल 50% कर्मचारी काम करेंगे
    16 कर्मचारियों कोरोना संक्रमित होने की वजह से लिया गया फैसला
    एनएसयूआई 27 अगस्त को होने वाली परीक्षा रद्द करने की मांग

राजकोट: गुजरात में कोरोना का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. हर दिन कोरोना के नए मामलों में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि दर्ज की जा रही है.

सौराष्ट्र विश्वविद्यालय के 16 कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है.

चिकित्सा अधिकारी, परीक्षा विभाग, लेखा परीक्षा विभाग, निर्माण विभाग और शैक्षणिक विभाग के करीब 16 कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ गए हैं.

सौराष्ट्र विश्वविद्यालय में 147 कर्मचारियों का किया गया था कोरोना परीक्षण

बीते दिनों सौराष्ट्र विश्वविद्यालय में 147 परीक्षण किए गए थे जिसमें 16 कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. एक साथ 16 कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विश्वविद्यालय में आगंतुकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

इतना ही नहीं विश्वविद्यालय के केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी को ही विश्वविद्यालय में काम करने के लिए बुलाया जा रहा है. जबकि अन्य 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया गया है.

यूनिवर्सिटी में कोरोना के दस्तक के बाद एनएसयूआई ने आने वाले दिनों में होने वाली परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है.

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आपातकाल को छोड़कर सभी कार्य एक सप्ताह के लिए बंद

इसके अलावा, आज से पोस्ट ग्रेजुएट फॉर्म का सत्यापन भी रद्द कर दिया गया है. स्नातकोत्तर के छात्रों को फीस का भुगतान अगले 9 तारीख तक ऑनलाइन करना होगा.

यूनिवर्सिटी में कोरोना विस्फोट के कारण आपात स्थितियों को छोड़कर विश्वविद्यालय के सभी कार्यों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है. हालाँकि, 27 तारीख से शुरू होने वाली परीक्षा जारी रहेंगी.

इसके अलावा किसी भी काम के लिए आवेदकों या छात्रों से अपील की गई है कि वे विश्वविद्यालय में न आएं.

NSUI ने परीक्षा रद्द करने की किया मांग

उल्लेखनीय है कि 27 अगस्त से मास्टर की परीक्षा शुरू होनी है. लेकिन सवाल ये उठता है कि कुलपति जब कोरोना की चपेट में आ गए हैं. तो छात्रों को कोरोना से कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है.

इसलिए एनएसयूआई के कार्यकर्ता सौराष्ट्र विश्वविद्यालय पहुंचकर परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया.

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