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PM केयर्स फंड की राशि NDRF में ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका को SC ने किया खारिज

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कोरोना संकटकाल के बीच आम लोगों की मदद को लेकर बनाए गए पीएम(PM) केयर्स फंड विवाद
को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला सुनाया है.

पीएम(PM) केयर्स फंड में जमा राशि को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में ट्रांसफर करने की मांग वाली
याचिका पर सुनवाई करते हुए इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि दोनों के फंड अलग-अलग हैं.

इसलिए पीएम केयर्स फंड के पैसे को NDRF में ट्रांसफर करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता.

कोरोना से निपटने के लिए बनाई गई योजना पर्याप्त

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की
तीन जजों की पीठ ने कहा कि पीएम केयर्स में जमा पैसे को एनडीआरएफ में ट्रांफर नहीं किया जा सकता है.

साथ ही साथ कोर्ट ने कहा कि आम आमदी खुद की इच्छा से एनडीआरएफ को दान दे सकते हैं. जैसे पीएम केयर्स फंड में लोग स्वैच्छिक योगदान देते हैं.

वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए होने वाली सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि नवंबर 2019 कोरोना से
निपटने के लिए बनाई गई योजना पर्याप्त है इसलिए अलग योजना बनाने की जरूरत नहीं.

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सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन दाखिल की थी याचिका 

गैर सरकारी संगठन‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ की ओर से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता
प्रशांत भूषण  के जरिए दायर की गई थी. याचिका में पीएम केयर्स फंड को एनडीआरएफ में
हस्तांतरित करने के साथ ही साथ एक राष्ट्रीय योजना तैयार करने की मांग की गई थी.

इतना ही नहीं याचिका में आरोप लगाया गया था कि पीएम केयर्स फंड में प्राप्त राशि का कैग द्वारा ऑडिट नहीं किया जा रहा है.

कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 27 जुलाई को पूरी कर ली थी और अफना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री केयर्स फंड का किया था गठन 

गौरतलब है कि देश में जानलेवा कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए केंद्र सरकार ने 28 मार्च को
प्रधानमंत्री केयर्स फंड का गठन किया था. जिसमें देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों से लेकर आम लोगों ने मदद दी है.

इस फंड का इस्तेमाल कोरोना वायरस से जुड़े खर्च में किया जा रहा है.
इस फंड में जमा पैसों से देश के अस्पतालों को वेंटिलेटर्स, पीपीई किट, एन-95 मास्क बांटे गए हैं.

लेकिन इसकी राशि को सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था.

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