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CAA पर बोलीं सोनिया गांधी- धर्म के आधार पर लोगों को बांटता है ये कानून

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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक हुई. इस बैठक के बाद सोनिया गांधी ने नागरिकता कानून को भेदभावपूर्ण और विभाजनकारी बताते हुए प्रदर्शन में जान गंवाने वाले लोगों के लिए चिंता जताई. साथ ही उन्होंने सीएए के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए एक हाई-पावर कमीशन का गठन करने की मांग की.

सोनिया गांधी ने कहा, ‘नागरिकता कानून एक भेदभावपूर्ण और विभाजनकारी कानून है. इस कानून का मकसद देश की जनता के सामने साफ हो चुका है. ये भारतीयों को धार्मिक आधार पर विभाजित करता है.’ देशभर में CAA के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा, ‘हजारों महिला-पुरुष, खासकर छात्र इस बात को समझ चुके हैं कि ये कानून किस तरह देश को नुकसान पहुंचाएगा. कुछ राज्यों में हालात चिंताजनक हैं. दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पुलिस राज कर रही है. यूपी के कुछ शहरों में, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में, जेएनयू, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, गुजरात यूनिवर्सिटी और बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में, जिस तरह से पुलिस द्वारा छात्रों के साथ हिंसा किए जाने की खबरें आईं, उन्हें देख और सुन हम हैरान हैं.’

बताते चलें कि CWC ने शनिवार को चार मुद्दों पर प्रस्ताव पास किया था. कांग्रेस ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (NRC) के विरोध को दबाने की सरकार की कोशिशों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है. इसके अलावा देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, जम्मू-कश्मीर में सरकार की पाबंदी के 6 महीने पूरे होने और खाड़ी में ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की वजह से बन रहे हालात को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है. सोनिया गांधी ने बैठक में कहा कि JNU और अन्य स्थानों पर छात्रों पर हुए हमले की घटनाओं के लिए उच्च स्तरीय आयोग का गठन किया जाना चाहिए.

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