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कोरोना आर्थिक संकट के बीच सोनिया का PM मोदी को सुझाव, कहा- विज्ञापन पर रोक लगाकर बचाएं पैसा

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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र लिखकर आग्रह किया कि कोरोना संकट के मद्देनजर सरकार के खर्च में 30 फीसदी की कटौती और ‘सेंट्रल विस्टा’ परियोजना को स्थगित करने सहित कई कदम उठाए जाएं.

उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में यह सुझाव भी दिया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रियों और नौकरशाहों के विदेश दौरों को स्थगित करने और सरकारी विज्ञापनों पर भी रोक लगाने की जरुरत है. सोनिया ने सांसदों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती का समर्थन करते हुए कहा कि ‘पीएम केयर्स’ कोष की राशि को भी प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में हस्तातंरित किया जाए.

आर्थिक संकट से उबारने को सुझाए पांच उपाय

चिट्ठी में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए कई उपाय सुझाए हैं. जिसमें पहला- मुख्य रूप से खर्चों में कटौती करना. दूसरा- 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे ‘सेंट्रल विस्टा’ ब्यूटीफिकेशन एवं कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को स्थगित किया जाए. तीसरा- भारत सरकार के खर्चे के बजट (वेतन, पेंशन एवं सेंट्रल सेक्टर की योजनाओं को छोड़कर) में भी इसी अनुपात में 30 प्रतिशत की कटौती की जाए. यह राशि लगभग 2.5 लाख करोड़ सालाना प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों, किसानों, एमएसएमई एवं असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को आवंटित की जाए. चौथा- राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राज्य के मंत्रियों तथा नौकरशाहों द्वारा की जाने वाली सभी विदेश यात्राओं को स्थगित किया जाए. केवल देशहित के लिए की जाने वाली आपातकालीन एवं अत्यधिक आवश्यक विदेश यात्राओं को ही प्रधानमंत्री द्वारा अनुमति दी जाए. पांचवां- ‘पीएम केयर्स’ फंड की संपूर्ण राशि को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत फंड’ (पीएम-एनआरएफ) में स्थानांतरित किया जाए. इससे इस राशि के आवंटन एवं खर्चे में एफिशियंसी, पारदर्शिता, जिम्मेदारी तथा ऑडिट सुनिश्चित हो पाएगा.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सोमवार को कैबिनेट में राष्ट्रपति, राज्यपाल समेत सभी सांसदों की सैलरी या पेंशन में से 30 फीसदी की कटौती का ऐलान किया था. इस राशि का इस्तेमाल कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में किया जाएगा, इसके अलावा MPLAD की राशि को भी इसमें इस्तेमाल किया जाएगा. जिसका कई राजनीतिक दलों ने विरोध किया था.