Gujarat Exclusive > गुजरात > मंत्री के बेटे की क्लास लगाने वाली महिला कांस्टेबल सुनीता के खिलाफ जांच के आदेश

मंत्री के बेटे की क्लास लगाने वाली महिला कांस्टेबल सुनीता के खिलाफ जांच के आदेश

0
1132

गुजरात के राज्य स्वास्थ्य मंत्री कुमार कानाणी के बेटे को नियमों का उल्लंघन करने पर टोकने वाली पुलिस महिला कांस्टेबल सुनीता यादव अब मुश्किल में फंसती नजर आ रही हैं. पूरे देश से मिल रहे समर्थन के बावजूद  गुजरात के मंत्री के बेटे को फटकार लगाकर सुर्खियों में आईं एलआरडी सुनीता यादव अब जांच के घेरे में आ गई हैं. सूरत पुलिस कमिश्नर आरबी ब्रह्मदत्त ने सुनीता के खिलाफ तीन आरोपों में जांच के आदेश दिए हैं.

सूरत पुलिस कमिश्नर आरबी ब्रह्मदत्त ने सुनीता यादव के खिलाफ सड़क पर उठक-बैठक कराने और 9 जुलाई से अपनी ड्यूटी से गायब होने के मामले पर जांच के आदेश दिए हैं. वहीं पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सुनीता से पूछताछ अभी भी जारी है. तकनीकी रूप से फिलहाल वह इस्तीफा नहीं दे सकतीं.

क्या था मामला ?

दरअसल सुनीता यादव सूरत के वराछा थाना क्षेत्र के मिनी बाजार इलाके में तैनात थी. शुक्रवार रात करीब 10.30 बजे स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानानी के समर्थक बिना मास्क लगाए सड़क पर घूम रहे थे. सुनीता ने उन्हें रोक लिया. इसके बाद मंत्री का लड़का प्रकाश अपने पिता की गाड़ी लेकर समर्थकों के पास पहुंच गया. गाड़ी पर पिता का नाम और विधायक पद लिखा था. लेकिन यह महिला पुलिस कर्मी बिना डरे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए मौके पर डटी रही. उसने अपने सीनियर अधिकारी को फोन किया और सारी वस्तुस्थिति समझाई. अधिकारियों ने सुनीता यादव को घर जाने के लिए कहा. मंत्री के बेटे और सुनीता यादव की बहस का एक वीडियो वायरल हो गया था.

ट्विटर पर वायरल हुए सुनीता के ट्वीट

इसके बाद सुनीता ट्विटर मशहूर हो गईं. नेता से लेकर अभिनेता तक उनकी सराहना करने लगे. इस बीच सुनीता ने ट्वीट किया कि मामले के बाद सें मुझे मेरे सीनियर ने छुट्टी पर घर भेज दिया. जब मैने इस्तीफा दिया तो मेरा इस्तीफा भी नामंजूर कर दिया. अब मेरा उस क्षेत्र से ट्रांसफर कर रहे है. ट्रांसफ़र होना मतलब तौहीन होना और मंत्री के बेटे की मन की होना जो मुझे मंजूर नहीं.

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा- नेताओं की गुलामी कुछ भ्रष्ट सिस्टम के कर्मचारियों ने जी भरकर की है क्योंकि स्वाभिमान और वर्दी की रक्षा से ज़्यादा पैसा प्यारा था और उसी कमजोर और भ्रष्ट सिस्टम के कारण नेता आज कुछ अच्छे कर्मचारियों को भी एक नाप तौल रहे हैं. लेकिन हम झुकने बालों में से नहीं.

सूरत की महिला कांस्टेबल सिंघम सिंड्रोम से बेलगाम