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अवमानना केस: प्रशांत भूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया एक रुपये का जुर्माना, नहीं देने पर होगी जेल

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Suprme Court news Prashant Bhushan

  • कोर्ट के अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया अपना फैसला
  • प्रशांत भूषण पर ठोका 1 रुपये का जुर्माना
  • नहीं चुकाने पर होगी जेल और प्रैक्टिस पर लगेगी रोक
  • प्रभाष भूषण को ट्वीट करने के मामला में कोर्ट ने ठहराया था दोषी

वरिष्ठ वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए एक रुपये का जुर्माना लगाया है.

फैसले के अनुसार भूषण को जुर्माने की रकम 1 सितंबर तक जमा करा देना नहीं तो तीन महीने की जेल और तीन साल तक प्रैक्टिस पर रोक लगा दिया जाएगा.

यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनाया है.

इससे पहले कोर्ट ने अपना फैसला रख लिया था सुरक्षित Suprme Court news Prashant Bhushan

इससे पहले शीर्ष अदालत ने भूषण को बिना शर्त माफी मांगने को कहा था. लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया है.

उनका कहना है कि उनके बयान सद्भावनापूर्ण थे और अगर वे माफी मांगेंगे तो ये उनकी अंतरात्मा और उस संस्थान की अवमानना होगी जिसमें वो सर्वोच्च विश्वास रखते हैं.

25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया था.

प्रशांत ने कोर्ट में रखी थी अपनी सफाई लेकिन माफ मांगने से किया था इनकार Suprme Court news Prashant Bhushan

प्रशांत ने अवमानना मामले में जवाब दाखिल किया. सुप्रीम कोर्ट पहले ही फैसला सुरक्षित रख चुका है. कोर्ट ने प्रशांत भूषण को आज तक का मौका दिया था कि वो बिना शर्त माफ़ी मांग लें.

प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में कहा, ‘मेरे ट्वीट्स सद्भावनापूर्वक विश्वास के तहत थे,जिस पर मैं आगे भी कायम रहना चाहता हूं.इन मान्यताओं पर अभिव्यक्ति के लिए सशर्त या बिना शर्त की माफी निष्ठाहीन होगी.

उन्‍होंने कहा, ‘मैंने पूरे सत्य और विवरण के साथ सद्भावना में इन बयानों को दिया है जो अदालत द्वारा निपटे नहीं गए हैं.

अगर मैं इस अदालत के समक्ष बयान से मुकर जाऊं, तो मेरा मानना है कि अगर मैं एक ईमानदार माफी की पेशकश करता हूं, तो मेरी नजर में मेरे अंतकरण की अवमानना होगी और मैं उस संस्थान की जिसका मैं सर्वोच्च सम्मान करता हूं.’

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सुनवाई के दौरान ही प्रशांत भूषण ने यह स्पष्ट किया था कि ‘वे माफ़ी बिल्कुल नहीं मांगेंगे बल्कि कोर्ट जो सज़ा देगा, वे उसे भुगतने के लिए तैयार हैं.’

क्या है मामला Suprme Court news Prashant Bhushan

प्रशांत भूषण को उनके दो ट्वीट्स के लिए कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराया जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि ‘भूषण के ट्वीट्स से सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को धक्का लगा है.’

भूषण ने दो जून 2020 को अपने ट्वीट्स में मुख्य न्यायाधीश पर टिप्पणी की थी. साथ ही उन्होंने कुछ अन्य न्यायाधीशों की आलोचना की थी.

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