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सूरत कोरोना खौफ: प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू, एक ही दिन में 25 हजार लोगों ने छोड़ा शहर

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सूरत: गुजरात में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है हर दिन दैनिक मामलों में एक हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज हो रहे हैं. Surat migrant labor migration starts

कोरोना पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार की ओर से लगातार कोशिशें की जा रही हैं. बावजूद इसके दैनिक मामलों में कमी दर्ज नहीं की जा रही है.

कोरोना की वजह से डायमंड सिटी सूरत की स्थिति गुजरते दिन के साथ खराब होती जा रही है. जिसकी वजह से लॉकडाउन की अफवाह तेज हो गई है.

जिसकी वजह से प्रवासी मजदूरों का घर वापसी का सिलसिला तेज हो गया है.

सूरत से प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी Surat migrant labor migration starts

कोरोना के दैनिक मामलों के साथ सूरत में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के घर वापसी की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है. Surat migrant labor migration starts

एक आंकड़े के अनुसार सूरत से हर दिन 25 हजार प्रवासी मजदूर घर वापस हो रहे हैं. रेलवे स्टेशन से ही वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को रेलवे द्वारा उनके गृहनगर भेजा जा रहा है.

इस बीच जो लोग ट्रेन से नहीं जा पा रहे हैं वह बस से घर की ओर रवाना हो रहे हैं. ट्रेन के मुकाबले बसों से ज्यादा यात्री अपने घरों तक पहुँच रहे हैं.

लॉकडाउन की अफवाह से मजदूर कर रहे पलायन Surat migrant labor migration starts

सूरत में विभिन्न बस ऑपरेटरों द्वारा प्रतिदिन 100 से अधिक बसें चलाई जा रही हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की ट्रेनों में लंबी वेटिंग की वजह से लगातार ट्रेन की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही है.

15 अप्रैल को पश्चिम रेलवे ने सूरत से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए 15 विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है. Surat migrant labor migration starts

सूरत से 18 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर ट्रेन से अपने-अपने घरों की ओर रवना हो गए हैं. इसके अलावा मुंबई और अहमदाबाद से सूरत जाने वाली ट्रेनों में रोजाना 5 से 6 हजार लोग घर जा रहे हैं.

लॉकडाउन की डर से प्रवासी मजदूरों में अफरा-तफरी का माहौल है. इसलिए निजी पर्यटन से भी लोग जाने के लिए मारामारी कर रहे हैं. Surat migrant labor migration starts

सूरत से हर दिन 100 से ज्यादा बसों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा के लिए दौड़ाई जा रही है. प्रत्येक बस में 120-120 यात्रियों को ले जाया जा रहा है.

गुजरात में कोरोना के बढ़ते आतंक के बीच राज्य सरकार जोर देकर कह चुकी है कि लॉकडाउन लागू नहीं किया जाएगा लेकिन सरकार की बातों पर अब मजदूरों को भरोसा नहीं रह गया है.

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