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दूसरी पारी में 131 ओवर खेलकर भारतीय क्रिकेट टीम ने बचाया सिडनी टेस्ट

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चोटिल खिलाड़ियों और नस्लवाद के विवादों के बीच भारतीय क्रिकेट टीम ने सिडनी टेस्ट (Sydney Test) में ऑस्ट्रेलिया के मंसूबों पर पानी फेरते हुए मुकाबले को ड्रॉ कराया. टीम इंडिया ने सिडनी टेस्ट (Sydney Test) की चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 131 ओवर खेले, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 80 साल बाद खेले गई सबसे लंबी चौथी पारी है.

ऑस्ट्रेलिया के 407 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने मैच के आखिरी दिन कंगारू गेंदबाजों की गलत लाइन का भरपूर फायदा उठाया और मुकाबले को ड्रॉ कराया. भारत ने 131 ओवर की बल्लेबाजी में पांच विकेट पर 334 रन बनाए.

चार मैचों की टेस्ट सीरीज में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं. अब 15 जनवरी से ब्रिस्बेन में खेले जाने वाले चौथे टेस्ट से सीरीज की रूप-रेखा तय होगी.

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विहारी और अश्विन ने दिखाया धैर्य

भारत के लिए इस मैच (Sydney Test) में उसके चोटिल खिलाड़ियों ने कमाल कर दिया. हैमस्ट्रिंग इंजरी से जूझ रहे हनुमा विहारी ने 161 गेंदो में नाबाद 23 रनों की पारी खेली. वहीं पहली पारी में पैट कमिंस की गेंद पर चोटिल होने वाले ऋषभ पंत ने 118 गेंदो में ताबड़तोड़ 97 रन बनाए. इन दोनों के अलावा आर अश्विन ने भी मुकाबले को बचाने में अहम भूमिका निभाई. अश्विन ने 128 गेंदो में 39 रनों की नाबाद पारी खेली. उन्होंने विहारी के साथ मिलकर करीब चार घंटे तक भारत को कई नुकसान नहीं होने दिया. दोनों ने मिलकर कुल 256 गेंदों का सामना किया.

 

पांचवें दिन (Sydney Test) शुरुआती छह ओवर के खेल में ही भारत ने कप्तान अजिंक्य रहाणे का विकेट भी गवां दिया. रहाणे चौथे दिन के स्कोर में एक रन भी नहीं जोड़ सके और चार रनों पर ही पवेलियन लौट गए. लेकिन इसके बाद चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत ने चौथे विकेट के लिए 148 रनों की साझेदारी की. पुजारा 205 गेंदो में 77 रन बनाकर जोश हेजलवुड की गेंद पर आउट हुए.

ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 338 रन बनाए थे और भारत को पहली पारी में 244 रनों पर समेट दूसरी पारी में 94 रनों की बढ़त के साथ उतरी थी. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट के नुकसान पर 312 रनों पर घोषित कर भारत को मजबूत लक्ष्य दिया था.

भारत रच सकता था इतिहास

टीम इंडिया सिडनी टेस्ट मैच (Sydney Test) में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज करने से चूक गई. अगर टीम इंडिया इस मैच में जीत दर्ज कर लेती तो वह अपने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में चौथी पारी में सबसे बड़े 407 रनों के लक्ष्य को हासिल करने का रिकॉर्ड बना लेती. इससे पहले 12 अप्रैल 1976 को चौथी पारी में सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने का रिकॉर्ड भारत के नाम दर्ज हो गया था, जो 27 साल तक बरकरार रहा. भारत ने पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में 403 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी.

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