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शिक्षक या अन्य किसी कर्मचारी का ग्रेड पे नहीं बढ़ा, ये सिर्फ अफवाह है: नितिन पटेल

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गांधीनगर: पिछले कुछ समय से राज्य में शिक्षक और पुलिस ग्रेड के पे को लेकर सोशल मीडिया पर गुजरात सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, “ग्रेड पे के मुद्दे पर शिक्षकों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है” शिक्षकों के ग्रेड पे को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है. सरकार ने शिक्षकों का वेतन कम किया ही नहीं था. शिक्षकों को पहले से ही 4200 ग्रेड पे मिल रहा था. शिक्षकों के ग्रेड पे मामले का अध्ययन करने के बाद फैसला लिया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों को पहले से 4200 ग्रेड पे मिल रहा था. सरकार द्वारा केवल गलतियों को सुधारा गया है. शिक्षकों को ग्रेड पे नहीं दिया गया था. बल्कि गलती से 4200 के बजाय 2800 गिना जाए ऐसा सूचना आने के बाद शिक्षा विभाग ने वापस ले लिया था. उन्होंने कुछ कथित नेताओं का नाम लिए बिना हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे तथाकथित नेता सरकारी विभाग के कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं. नेता बनकर बैठे कुछ लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं. बिना मामले को समझे मीडिया में कुछ भी बयान दे रहे हैं. बिना किसी अधिकार के बयान देना उचित नहीं है.”

उन्होंने आगे कहा, ” कर्मचारियों के हितों के साथ-साथ लोगों के कल्याण की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है. अगर शिक्षकों का ग्रेड पे बढ़ गया है तो दूसरे का क्यों नहीं लेकिन यह पूरा मामला गलत है. कथित सर्कुलर का लोगों ने गलत मतलब निकाला. जब शिक्षकों के मुद्दे पर सवाल उठाया गया, तो शिक्षा विभाग के परिपत्र का अध्ययन किया गया और उस परिपत्र को रद्द कर दिया गया. लेकिन यहां कुछ लोग बिना किसी अध्ययन के बयान देना दे रहे हैं जो अनुचित है. ग्रेड पे के अलावा कर्मचारियों को कई तरीके का भत्ता मिलता ही है.”

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने इस सिलसिले में आगे जानकारी देते हुए कहा कि “अन्य कर्मचारियों को भी उकसाया जा रहा है. पुलिस की नौकरी में लगे तभी से लोगों को अनुशासित होना पड़ता है. स्वास्थ्य कर्मियों को भी उकसाया जा रहा है. किसी भी कर्मचारी के ग्रेड पे में वृद्धि नहीं की गई है लेकिन केवल सुधार किया गया है. पुलिस प्रणाली एक अनुशासनात्मक बल के रूप में है. पुलिस को मैनुअल नियम का पालन करना चाहिए.”

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