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तालाबंदी के बीच नर्मदा जिला में मौत के मुंह में रहने वाला परिवार, एक दिन के मोहलत की कर रहा है मांग

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विशाल मिस्त्री, राजपीपणा: कोरोना वायरस के बढ़ते आतंक के बीच जहां लोग परेशान नजर आ रहे हैं. वहीं क्या तालाबंदी 14 अप्रैल को खत्म होगी और लोगों की जिंदगियां एक बार फिर से पटरी पर आ जाएगी ये अपने आपमें बड़ा सवाल है. लेकिन 21 दिनों के लंबे तालाबंदी से आम आदमी परेशान नजर आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला गुजरात के नर्मदा जिला से सामने आया है जहां पर एक परिवार अपनी जान को जोखिम में डालकर घर में रहने को मजबूर हो रहा है. क्योंकि घर के रिनोवेशन का काम चल रहा था और इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तालाबंदी का ऐलान कर दिया जिसके बाद काम तो ठप पड़ा ही है बल्कि ये लोग ऐसे घर में अब जिंदगी गुजार रहे हैं जो कभी भी खतरनाक साबित हो सकती है.

घर के रिनोवेशन का काम लगभग पूरा हो गया था बस स्लैब भरना बाकी था. लेकिन उसी दिन प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू की घोषणा की. अभी जनका कर्फ्यू खत्म नहीं हुआ था कि देश में लंबे तालाबंदी का ऐलान कर दिया गया. जिससे इस परिवार को आज ऐसे घर में रहना पड़ रहा है जो इनके लिए मौत का घर साबित हो सकता है. इतना ही नहीं घर में करीब 10 सदस्य है इनके लिए घर की महिलाएं इस मुश्किल वक्त में घर के बाहर खाना पकाती हैं. वह भी कड़ी धूप में.

घर का मरम्मत का काम करवाने वाले फारुक भाई का कहना है कि घर में रह नहीं सकते घर के बाहर अगर बैठते हैं तो पुलिस बैठने नहीं देती है ऐसे में हम एक नहीं बल्कि कई परेशानियों से दो-चार हो रहे हैं. इतना ही नहीं आज सबे बारात की रात है इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोग रात में इबादत करते हैं लेकिन फारुक भाई का घर इस काबिल नहीं कि लोग इसमें रह सकें. परिवार के लोगों का कहना है कि सरकार अगर एक दिन का छूट दे दे तो हम घर का काम पूरा करवा सकें.

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