Gujarat Exclusive > उद्धव ठाकरे ने प्रवासी मजदूरों को मराठी भाषा में दिलाया दिलासा, कहा- आप मेरे राज्य में सुरक्षित

उद्धव ठाकरे ने प्रवासी मजदूरों को मराठी भाषा में दिलाया दिलासा, कहा- आप मेरे राज्य में सुरक्षित

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बांद्रा में अचानक इक्कठा हुई भीड़ के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लोगों से कोरोना महामारी को गंभीरता से लेने की अपील की है. महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लंबी चलेगी. कोरोना के खिलाफ लड़ाई को सभी लोग गंभीरता से लें. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाया जाएगा. मैंने भी यही सलाह दी थी और इसके लिए पीएम मोदी का आभार.

हालांकि सीएम का भाषणा इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि उन्होंने मराठी में अपना भाषण दिया. ऐसे में प्रवासी मजदूरों के लिए मराठी कितनी समझ आई होगी, यह कहना मुश्किल है. उद्धव ने कहा, कोई भी नहीं चाहता है कि आप अपनी इच्छा के बिना लॉकअप में रहें. लॉकडाउन का मतलब लॉकअप नहीं है. यह हमारा देश है. आप (प्रवासी मजदूर) मेरे राज्य में सुरक्षित हैं और चिंता न करें. जिस दिन लॉकडाउन उठाया जाएगा, न केवल मैं, बल्कि केंद्र भी आपके लिए व्यवस्था करेगा.

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र संभवत सबसे ज्यादा टेस्ट कर रहा है. मुंबई ने 22000 से अधिक नमूनों का टेस्ट किया है जिसमें से आज सुबह तक 2334 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. 230 लोग यानी लगभग 10 फीसद लोग ठीक हो चुके हैं. हमारे पास 10 जिले हैं जिनमें शून्य कोरोना पॉजिटिव मामले हैं. हम इसे बनाए रखेंगे और कोशिश करेंगे कि सभी जिले जल्द से जल्द कोरोना मुक्त हों.

गौरतलब है कि कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के बीच मुंबई के बांद्रा में हजारों लोगों के इक्कठा होने से स्थिति गंभीर हो गई है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हजारों लोग इकट्ठा हो गए और घर भेजने की मांग करने लगे. देश को हिला देने वाली इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि उद्धव ठाकरे की सरकार क्या कर रही है? लगातार मामले बढ़ने के बावजूद उद्धव ठाकरे की सरकार कोई ठोस रणनीति नहीं पेश कर पाई है. लॉकडाउन लागू होने के बावजूद इतनी भीड़ जुटने के बाद विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने इसे षड्यंत्र बताया है. सवाल उठता देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सामने आना पड़ा.

बांद्रा की घटना गंभीर – फडणवीस

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बांद्रा में हुई घटना बहुत ही गंभीर है. हम पहले दिन से सरकार को बता रहे हैं कि जो प्रवासी मजदूर हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनकी व्यवस्था सरकार को करनी होगी. सरकार ये व्यवस्था करने में असफल रही है. बांद्रा जैसी जगह पर सरकार की नाक के नीचे इतने बड़े पैमाने पर मजदूर इकट्ठा होकर कहते हैं कि हमें या तो खाना दीजिए या तो वापिस जाने दीजिए. मैं सरकार से निवेदन करता हूं कि सबसे पहले ऐसे लोगों की सुध ले.

अमित शाह ने उद्धव ठाकरे को किया फोन

गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को फोन किया और बांद्रा में प्रवासियों की भीड़ जुटने की घटना पर चिंता व्यक्त की. गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस तरह की घटनाओं से कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई कमजोर होती है और प्रशासन को ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्क रहना होगा. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को मेरा पूरा समर्थन है.

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