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बेरोजगारी से बचने के लिए गिरिराज सिंह ने बताया उपाय, ‘चार जानवर पालिए और गोबर-गोमूत्र से साल में 20 लाख कमाइए’

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देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं और समय समय पर इस मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को विपक्ष घेरते रहती है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बेरोजगारी पर बड़ा ही अजीबोगरीब बयान दिया है. उन्होंने जानवर पालकर बेरोजगारी से बचने का उपाय सुझाया है.

गिरिराज से सिंह ने कहा कि आप चार जानवर पालिए और इनके गोबर व गोमूत्र से सालभर में करीब 20 लाख रुपये कमाइए. केंद्रीय पशुपालन, डेयरी व मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जानवर पालने में बड़ा रोजगार है. इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं पर हमला बोलते हुए देश को तोड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रविवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ में जिला सहकारी बैंक के भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे.

उन्होंने कहा कि ‘नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रगति के पथ पर है. अब तो आप चार जानवर पालिए और इनके गोबर व गोमूत्र से वर्ष भर में करीब 20 लाख रुपये कमाइए. जानवर पालने में बड़ा रोजगार है. दूध की जरूरत बहुत है.’ उन्होंने आगे कहा कि देश में भोजन सब चाहते हैं, लेकिन खेती कोई नहीं करना चाहता. आज खेती मुनाफे का सौदा नहीं रह गई है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार इसी खेती को मुनाफे की ओर ले जाने को प्रयासरत है. गिरिराज सिंह ने विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग देश को तोड़ने की साजिश रच रहे हैं, ऐसे लोगों से मुकाबला करने की अब जरूरत है और सभी युवाओं को इसके लिए आगे आना चाहिए, जिससे देश विकास के मार्ग पर चलता रहे.

गिरिराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में नेहरू अगर लंबे समय तक होते तो यहां पर पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे उद्यम की स्थिति काफी खराब होती. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह सनातन धर्म और संस्कृति को पहचानें. उन्होंने कहा, ‘अगर हिंदू युवा नहीं जागे, उन्हें भविष्य में पछताना पड़ेगा. एक समय में हिंदुस्तान में मुस्लिमों की संख्या बहुत कम थी लेकिन आज वह बड़ी संख्या में पहुंच गए हैं. जितना नुकसान मुगलों और अंग्रेजों ने नहीं किया था, जितना देश के भावी नेताओं ने किया है. जब 1947 के बाद पहला चुनाव हुआ तो मुसलमान खड़े हुए थे, मुसलमान के नाम पर और हिंदू खड़े हुए ब्राम्हण, दलित, बनिया और जातियों के नाम पर. राजनेता बाद में इन्हें और काटते गए.’ उन्होंने पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार के बारे में भी सभी को बताया.