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UP की योगी हुकूमत ने पेश किया इतिहास का सबसे बड़ा बजट, आईये जानते हैं किसे क्या मिला

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का चौथा बजट आज सदन में पेश हुआ. सरकार ने 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख रुपये का बजट पेश किया है. पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले यह बजट 33 हजार 159 करोड़ रुपये ज्यादा है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया है. बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की गई हैं. बजट पेश करते हुये वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने योगी सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान किये गये विकास कार्यों की जानकारी दी.

गांवों में जल जीवन मिशन को 3000 करोड़

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा आबकारी से 37,500 और स्टांप एवं पंजीयन से 23,197 व वाहन कर से 8,650 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का लक्ष्य रखा गया है. गांवों में जल जीवन मिशन को 3000 करोड़ का बजट. दिव्यांग पेंशन योजना के लिए 621 करोड़.

मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण बीमा के नाम से नई योजना

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण बीमा के नाम से नई योजना होगी. इसके लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं. वहीं, जीएसटी और वैट से 91,568 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है.

ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रमों के लिए 3000 करोड़

सुरेश खन्ना ने कहा कि ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रमों के लिए 3000 करोड़, बुंदेलखंड विंध्य के गुणवत्ता प्रभावित गांवों में पाइप पेयजल योजना के लिए 3300 करोड़, पीडब्लूडी पूर्वांचल निधि में 300 करोड़, बुंदेलखंड निधि में 210 करोड़ का बजट प्रस्तावित है.

मनरेगा योजना के लिए 4800 करोड़

सुरेश खन्ना ने कहा कि मनरेगा योजना के लिए 4800 करोड़, राष्ट्रीय पोषण अभियान के लिए 4000 करोड़ रुपये, काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

गन्ना किसानों के लिए सरकार का तोहफा

वित्त मंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों के लिए सरकार ने तोहफा दिया है. शुगर मिलों के लिए बजट का प्रस्ताव. गन्ना की कीमत 325 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव.

धार्मिक स्थलों पर फोकस

अयोध्या में पर्यटन के लिहाज से हाई लेवल सुविधाओं के विकास के लिए 85 करोड़ की व्यवस्था की गई है. साथ ही अयोध्या एयरपोर्ट के लिये 500 करोड़ दिये जायेंगे. जबकि तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था हुई है. यानी बजट राम नगरी अयोध्या के लिये करीब 600 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

इसके अलावा वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ दिये गये हैं. वहीं, पर्यटन इकाई के प्रोत्साहन के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था है. गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वाटर स्पोर्ट्स के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था है. जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ रुपये दिये जायेंगे. मेरठ, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, अयोध्या, गोरखपुर, मथुरा-वृंदावन और शाहजहांपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जायेगा.