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UP में एक बार फिर खाकी हुई शर्मसार, चोरी की कार चलाते हुए पकड़े गए थानेदार

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार कानून व्यवस्था में सुधार लाने की कोशिश कर रहे हैं. प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए कई अहम कदम उठा रहे हैं.

लेकिन राज्य में कई बार पुलिस की कार्रवाई और पुलिस के जवानों के कामकाज से विरोधियों के आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है. Uttar Pradesh Police

इस बीच जानकारी सामने आ रही है कि बिठूर के थानेदार कौशलेन्द्र प्रताप सिंह पिछले 2 सालों से चारी की कार चला रहे थे.

चोरी की कार चलाते हुए पकड़े गए थानेदार Uttar Pradesh Police

मिल रही जानकारी के अनुसार बिठूर के थानेदार कौशलेन्द्र प्रताप सिंह ने अपनी कार को सर्विस सेंटर में सर्विस के पिछले दिनों भेजा था. कार को सर्विस करने के बाद सर्विस सेंटर को लोगों ने उनके हवाले कर दिया.

लेकिन जब सर्विस को लेकर उसके चेचिस नंबर के आधार पर मालिक का नंबर निकालकर फीडबैक के लिए फोन किया गया तो मूल मालिक चौंक गया. Uttar Pradesh Police

फोन करने वाले ने बताया कि बीते दिनों उसके कार की सर्विस हुई है. जानकारी मिलने के बाद मूल मालिक सर्विस स्टेशन पहुंचा तो पता चला कि उसकी कार को बिठूर के थानेदार कौशलेन्द्र प्रताप सिंह ने सर्विस करवाई है.

थानेदार ने मूल मालिक को गाड़ी वापस देने का दिया आश्वासन Uttar Pradesh Police

बर्रा थाना क्षेत्र निवासी कार के मूल मालिक ओमेंद्र सोनी ने इस सिलसिले में जानकारी देते हुए कहा कि मेरी गाड़ी कार वैगन आर 31 दिसंबर 2018 को रतनलाल नगर से चोरी हो गई थी.

कार चोरी की 4 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई थी. लेकिन मामला दर्ज कराने के बावजूद अभी तक पुलिस गाड़ी को खोजने में नाकाम रही. Uttar Pradesh Police

लेकिन सर्विस सेंटर से फोन आने पर गाड़ी की जानकारी मिली. जानकारी ऐसी भी मिल रही है कि थानेदार ने मूल मालिक को गाड़ी वापस देने का आश्वासन दिया है.

गौरतलब है कि बिठूर के थानेदार कौशलेन्द्र प्रताप सिंह कुख्यात बदमाश विकास दूबे के एनकाउंटर के वक्त चर्चा में आए थे.

विकास दूबे का एनकाउंटर करने पहुंचे बिठूर के थानेदार कौशलेन्द्र प्रताप सिंह भी इस हादसे में घायल हो गए थे. इस घटना कांड में सीओ सहित 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.

उसके बाद विकास दूबे को पुलिस ने एनकाउंटर कर मौत के घाट उतार दिया था. Uttar Pradesh Police

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