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विकास दुबे की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट हैरान, यूपी सरकार पर उठाए सवाल

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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को विकास दुबे एनकाउंटर मामले की सुनवाई शुरू हुई. सुनवाई कर रहे प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए इसे सिस्टम की विफलता बताया है. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि एक अपराधी के खिलाफ इतने मामले दर्ज होने के बावजूद उसे जमानत मिलने से वह हैरान है.

CJI ने कहा कि ‘हैदराबाद एनकाउंटर और विकास दुबे एनकाउंटर केस में एक बड़ा अंतर है. वे एक महिला के बलात्कारी और हत्यारे थे. ये (दुबे और सहयोगी) पुलिसकर्मियों के हत्यारे थे.’ सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि एक राज्य के तौर पर आपको विधि का शासन बनाए रखना होगा. इस मामले में कोर्ट ने SC के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली समिति से जांच कराने के निर्देश दिए हैं. अब अगली सुनवाई बुधवार को होगी.

हमें मत बताइए विकास दुबे कौन था?

यूपी सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सारे मुद्दों को अदालत के सामने रखा गया है. SG ने कहा विकास दुबे के खिलाफ 65 FIR दर्ज थी और वो पैरोल पर बाहर आया था. इस CJI ने SG को कहा कि ‘आप हमें मत बताइए कि विकास दुबे कौन था.’ तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए मुठभेड़ को सही ठहराया. दुबे की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वो पैरोल पर था और उसने हिरासत से भागने की कोशिश की थी.

यह केस तेलांगाना मामले से अलग

यूपी डीजीपी का पक्ष रखते हुए हरीश साल्वे ने कहा कि यह मामला तेलंगाना मुठभेड़ से कई मामलों में अलग है. यहां तक कि पुलिसकर्मियों को भी मौलिक अधिकार है. क्या पुलिस पर अत्यधिक बल का आरोप लगाया जा सकता है जब वह एक खूंखार अपराधी के साथ लाइव मुठभेड़ में लगी हो? वहीं अदालत निगरानी की जांच की मांग करने वाली पीआईएल पर कहा, यहां मारे गए और हैदराबाद में जहां बलात्कारियों के पास कोई हथियार नहीं था दोनों मौतों में अंतर है. राज्य सरकार के रूप में आप (यूपी) शासन बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं.

इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह जांच समिति द्वारा सुझाए गए बदलावों के संबंध में अधिसूचना का मसौदा 22 जुलाई को पेश कर देगी. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कुछ बयान देते हैं और फिर किसी बात का पालन किया जाता है तो आपको इस पर गौर करना होगा.

विकास दुबे का पुलिस ने किया था एनकाउंटर

बता दें कि कानपुर में पुलिस पर फायरिंग करके विकास दुबे और उसके साथियों ने हत्या कर दी थी. इसके बाद पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार किया था. वहीं कानपुर लाते समय विकास ने भागने की कोशिश की जिसमें उसे एसटीएफ ने मार गिराया था. पुलिस के मुताबिक दुबे की 10 जुलाई की सुबह हुई मुठभेड़ में मौत हो गई थी जब उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रहा पुलिस वाहन भौती इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उसने मौके से भागने की कोशिश की थी.