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यह कैसा इंसाफ: आर्यन खान जेल की सलाखों के पीछे, किसानों की हत्या का मुख्य आरोपी आजाद

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मुजाहिद खान तुंवर, अहमदाबाद: देश में इस समय दो मामलों पर गर्मागर्म बहस चल रही है. पहला है लखीमपुर हिंसा का मामला जिसमें भाजपा के एक मंत्री के बेटे पर अपनी कार से कुचलकर चार किसानों की हत्या करने का आरोप है और दूसरा मामला है शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का है.

आर्यन खान पर ड्रग पार्टी में शामिल होने का आरोप है. उसके पास से ड्रग्स बरामद नहीं हुआ है. घटना में एनसीबी ने छापेमारी कर 13 ग्राम कोकीन, पांच ग्राम एमडी और 21 ग्राम चरस बरामद किया गया था. उसके बाद एनसीबी ने कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को हिरासत में लिया था. अब जानकारी सामने आ रही है कि इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आर्यन खान को जेल की सलाखों के पीछे ढकेल दिया है.

इससे हटकर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय मंत्री के बेटे ने किसानों पर अपनी कार चढ़ाकर चार लोगों की हत्या कर दी. घटना के बाद हुई हिंसा में कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है. इस मामले के मुख्य आरोपी को थाने में पेश होने का पुलिस नोटिस दे रही है. गनीमत तो यह कि पुलिस ने मंत्री के बेटे को आरोपी मान लिया है.

आर्यन पिछले सात दिनों से एनसीबी की हिरासत में है. एनसीबी को आर्यन खान के मामले में इतनी जल्दी थी कि आखिरकार उसे आर्थर रोड जेल भेज दिया गया. लेकिन पुलिस ने किसानों की जान लेने वाले आरोपी को पकड़ने की भी कोशिश नहीं की है. चौतरफा आलोचना और विपक्ष के दबाव और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस सिर्फ पूछताछ के लिए समन जारी कर रही है.

वहीं दूसरी तरफ आर्यन खान को जमानत मिलने से रोकने के लिए एनसीबी कड़ी मेहनत कर रही है. जबकि लखीमपुर खीरी कांड किसे जांच के लिए सौंपा जाए इसपर विचार किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि लखीमपुर हिंसा मामले को सीबीआई को सौंपना उसका समाधान नहीं है.

अब जरा सोचिए कि दोनों में से कौन सा मामला ज्यादा गंभीर है. किसानों की हत्या या फिर 13 ग्राम-चरस और गांजा… कुछ लोगों को देश के अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए आर्यन खान जैसे मुद्दों को चर्चाओं में लाने में महारथ हासिल है. उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले मुंद्रा बंदरगाह से 23,000 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की गई थी. हालांकि अभी इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि देश में इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन कैसे और किसने मंगवाई थी.

हालांकि, एक भारतीय नागरिक जिसके पास से हेरोइन या नशीला पदार्थ भी नहीं मिला, उसे जेल में डाल दिया गया है. बता दें कि उसके खिलाफ आरोप अभी तक साबित नहीं हुआ है. बावजूद इसके पुलिस सुनवाई से पहले ही उसे जेल में डाल चुकी है. जबकि हत्या के आरोपी को पुलिस द्वारा नोटिस भेजा जा रहा है, महोदय, आओ और हमें सबूत दो कि तुम निर्दोष हो.

इस समय देश में पेट्रोल-डीजल समेत सभी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं. कोयले की किल्लत से आने वाले दिनों में बिजली कटौती की खबरें आने से यह तय है कि आम आदमी को बिजली के लिए भी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा.

ऐसे में आर्यन खान जैसे मामलों के सहारे अहम मुद्दों से लोगों के ध्यान भटकाया जा रहा है. खैर, अगर आर्यन ड्रग्स पार्टी में पकड़ा गया है, तो उसे सजा देकर कहानी पूरी करनी चाहिए जिसका वह हकदार है. देश के कानून के अनुसार सभी को अवैध काम करने की सजा मिलनी चाहिए, ऐसे में आर्यन खान को भी सजा मिलनी चाहिए. लेकिन दूसरी तरफ किसानों के हत्यारों को भी सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है.

अब आप सोचिए अगर आर्यन खान की जगह सत्ताधारी पार्टी के मंत्री या फिर नेता का बेटा क्रूज पर होता तो क्या होता? 22 अधिकारियों को लेकर जब एनसीबी क्रूज पर छापेमारी करने आई थी. उस वक्त जहाज में 800 से ज्यादा लोग मौजूद थे. लेकिन आर्यन खान को ऐसा मुद्दा बनाया गया जैसे दुनिया सबसे बड़ा गुनहगार वही है. हालांकि एनसीपी नेता नवाब मलिक एनसीबी के इस कार्रवाई को फर्जीवाड़ा करार चुके हैं.

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