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अगर पास हुआ जनसंख्या नियंत्रण पर आया प्राइवेट मेंबर बिल तो छिन सकती हैं कई सामाजिक योजनाएं

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नई दिल्ली: देश की लगातार बढ़ती जनसंख्या हमेशा से चिंता का विषय रही है और इसको लेकर समय समय पर कई लोगों ने आवाज उठाई है. इसी संदर्भ में राज्य सभा में 7 फरवरी को शिवसेना सांसद अनिल देसाई ने जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव रखा था. देसाई ने प्राइवेट मेंबर के तौर पर सदन में ये बिल पेश किया है. प्रस्ताव में संविधान के अनुच्छेद 47 में संशोधन की बात कही गई है. इसके अनुसार संशोधन में कहा गया कि, ‘राज्य के द्वारा छोटे परिवार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जो अपने परिवार में दो बच्चे पैदा करने को बढ़ावा देगा उन्हें टैक्स, रोज़गार, शिक्षा में भी आगे बढ़ने को लेकर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.’

प्रस्ताव में ये भी लिखा है कि ‘जो छोटे परिवार को बढ़ावा नहीं देता है उन्हें किसी भी प्रकार का कोई फायदा नहीं मिलेगा और जो मिल भी रहा है उसे भी वापस ले लिया जाना चाहिए. जिससे जनसंख्या नियंत्रण में रह सके.’ प्रस्ताव में कहा गया है कि भारत की जनसंख्या पहले ही 125 करोड़ से ज्यादा हो गई है जो भयावह है.

राज्य सभा में रखे इस बिल के कारणों में लिखा है कि यूएन की रिपोर्ट के अनुसार भारत, पाकिस्तान और नाइजीरिया उन देशों में शामिल हैं जहां की जनसंख्या वृद्धि दर सबसे ज्यादा है. भारत विश्व में दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है. संशोधन प्रस्ताव में कहा गया है कि जनसंख्या वृद्धि भविष्य में काफी दिक्कतें पैदा कर सकती हैं. इसके लिए हमें चिंतित होना चाहिए. इसमें कहा गया है कि लोगों को छोटे परिवार रखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए जिसे टैक्स में छूट, सामाजिक योजनाओं में फायदा और स्कूल में दाखिला देने जैसी सुविधा देकर इसे बढ़ावा दिया जा सकता है.

इससे पहले नवंबर 2019 में लोकसभा में भाजपा सांसद अजय भट्ट ने ‘छोटे परिवार को अपनाकर जनसंख्या नियंत्रण’ बिल का प्रस्ताव रखा था. राज्य सभा सांसद राकेश सिन्हा ने जुलाई में सदन में जनसंख्या नियंत्रण बिल को लेकर प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था. जिसमें उनकी मांग थी कि जिनके दो से ज्यादा बच्चे हो उन्हें इस नियम के बनने के बाद एमपी, एमएलए बनने नहीं दिया जाना चाहिए. इसमें कहा गया था कि सरकारी कर्मचारियों को अंडरटैकिंग देनी चाहिए कि वो दो से ज्यादा बच्चे पैदा नहीं करेंगे. इससे पहले 2015 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ ने एक ऑनलाइन पोल किया था जिसमें पूछा गया था कि क्या मोदी सरकार को जनसंख्या निंयत्रण पर कोई नीति बनानी चाहिए.