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#Column: गुजरात में कोरोना से चल रही लड़ाई के दरमियां कहां ‘लापता’ हैं राज्य के मुख्य सचिव?

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गुजरात के नौकरशाहों और मीडिया के महकमें में राज्य के मुख्य सचिव को लेकर अलग-अलग कहानियां चल रही हैं कि आखिर जिस समय राज्य कोरोना जैसी महामारी से संघर्ष कर रहा है, उस समय सूबे के मुख्य सचिव कहां ‘लापता’ हैं. पूर्व मुख्य सचिव जेएन सिंह के कार्यकाल समाप्त होने के बाद अनिल मुकीम ने 19 नवंबर, 2019 को गुजरात के मुख्य सचिव का पदभार संभाला था.
शुरुआत में मुकीम को ट्रम्प की यात्रा के दौरान भी अग्रणी क्रम में गया था और अक्सर मीडिया में भी वे नजर आते थे. लेकिन, जब से भारत में लॉकडाउन की घोषणा की गई है, तब से मुकीम को छोड़कर अन्य सभी नौकरशाह दिखाई दे रहे हैं.

राज्य की स्वास्थ्य विभाग की मुख्य सचिव जयंती रवि पूरे मामलों पर नित मीडिया को जानकारी दे रही हैं जबकि मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार भी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर नियमित जानकारी दे रहे हैं. वहीं डीजीपी शिवानंद झा लगातार कानून और व्यवस्था की स्थिति का विवरण दे रहे हैं और यहां तक कि कई निगमों के नगर आयुक्तों ने लगातार मीडिया ब्रीफिंग की है. एसएमसी के बनचानिधि पाणि और राजकोट के नगर आयुक्त उदित अग्रवाल इसके कुछ उदाहरण हैं.

इसी तरह हाल ही में पद से हटाए गए अहमदाबाद के पूर्व नगर आयुक्त विजय नेहरा रोज मीडिया ब्रीफिंग कर रहे थे. वहीं अब अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक नई टीम भी अहमदाबाद में महामारी से निपटने को लेकर लगातार मीडिया ब्रीफिंग कर रही है.
लेकिन, अभी तक मुकीम द्वारा एक भी मीडिया ब्रीफिंग देखने को नहीं मिली है, जो मुख्य सचिव के रूप में राज्य की नौकरशाही के प्रमुख हैं. ऐसा लगता है कि मुकीम गायब हो गए हैं. नौकरशाही में इस बात की चर्चा है कि वह इन दिनों अपने काम में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. कुछ नौकरशाह ये भी चर्चा कर रहे हैं कि वह अपनी वर्तमान पोस्टिंग से नाखुश हैं और वह कहीं और पोस्टिंग चाहते हैं, शायद वह सेंट्रल में वापसी चाहते हैं.

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो दो दशकों से गांधीनगर, गुजरात की नौकरशाही और राजनीति को करीब से देख रहै हैं)

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